जनगणना 2027 के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा
जनगणना 2027 के सफल आयोजन के लिए भारत सरकार ने एक सुव्यवस्थित और आधुनिक प्रशिक्षण ढांचा तैयार किया है। इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता मोबाइल ऐप का उपयोग और CMMS पोर्टल के माध्यम से होने वाला वास्तविक समय प्रबंधन है। आंकड़ों की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जनगणना अधिनियम 1948 के तहत नियुक्त सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।
प्रशिक्षण की श्रृंखला (Training Hierarchy)
इस विशाल कार्य को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए चार चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- सबसे पहले 100 राष्ट्रीय प्रशिक्षकों (NT) को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- ये राष्ट्रीय प्रशिक्षक लगभग 2,000 मास्टर प्रशिक्षकों (MT) को तैयार करेंगे।
- मास्टर प्रशिक्षक आगे चलकर 44,000 फील्ड प्रशिक्षकों (FT) को ट्रेनिंग देंगे।
- अंतिम चरण में, ये फील्ड प्रशिक्षक देश भर के लगभग 31 लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
वित्तीय मानदंड और दैनिक भत्ता
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न स्तर के अधिकारियों और कर्मियों के लिए प्रति व्यक्ति, प्रति दिन की राशि निम्नलिखित है:
- राज्य एवं संभाग स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले राज्य/जिला अधिकारियों को ₹900 दिए जाएंगे।
- जिला स्तर पर जिला/चार्ज पदाधिकारियों और तकनीकी सहायकों को ₹650 प्रति दिन का भत्ता मिलेगा।
- फील्ड प्रशिक्षकों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण के लिए ₹600 की राशि निर्धारित की गई है।
मानदेय और यात्रा भत्ता
मास्टर प्रशिक्षकों (MT) के लिए विशेष मानदेय की व्यवस्था की गई है। जब राज्य के मास्टर प्रशिक्षक फील्ड प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे, तो उन्हें ₹1,800 प्रति दिन का मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही यात्रा भत्ते (TA) के भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि प्रशासनिक स्तर पर कोई बाधा न आए।
निष्कर्ष
जनगणना 2027 का यह विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल कर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विस्तृत वित्तीय व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि इतने बड़े पैमाने पर होने वाले कार्य में शामिल हर व्यक्ति को उचित प्रोत्साहन मिले।

