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बेसिक शिक्षा विभाग का कड़ा अल्टीमेटम: 3 दिन में निपटाएं ये 12 विभागीय कार्य, वरना हेडमास्टरों पर गिरेगी गाज

Sir Ji Ki Pathshala

बेसिक शिक्षा विभाग का सख्त निर्देश: 3 दिन में पूरे करें 12 विभागीय कार्य, वरना होगी कार्रवाई

Basic Shiksha Vibhag Official Order regarding Prerna Portal

लखनऊ/ब्यूरो: प्रदेश के बेसिक स्कूलों में लंबित विभागीय कार्यों को लेकर शिक्षा विभाग ने अब "आर-पार" की रणनीति अपना ली है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में पोर्टलों पर डेटा की भारी पेंडेंसी (लंबित कार्य) पाए जाने पर विभाग ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सभी स्कूल हेड और इंचार्जों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि आगामी 03 दिनों के भीतर सभी डिजिटल और जमीनी कार्यों को पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​इन 12 बिंदुओं पर केंद्रित है विभाग की सख्ती

​स्कूलों को मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शून्य पेंडेंसी पर लाने का आदेश दिया गया है:

  1. ऑनलाइन नामांकन: ऑफलाइन किए गए सभी नए नामांकनों को तत्काल प्रेरणा पोर्टल पर फीड करना अनिवार्य है।
  2. प्रोग्रेस सत्यापन: विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का शत-प्रतिशत सत्यापन पोर्टल पर पूरा करना होगा।
  3. DBT डेटा फीडिंग: छात्रों के ड्रेस, बैग और जूते-मोजे की राशि के लिए DBT डेटा का सत्यापन और अपलोडिंग तुरंत पूरी की जाए।
  4. डिजिटल लर्निंग (दीक्षा): सभी शिक्षकों के मोबाइल में DIKSHA ऐप अनिवार्य है। साथ ही, स्मार्ट क्लास और टीवी के माध्यम से विषयवार शिक्षण सुनिश्चित करना होगा।
  5. विद्यांजलि पोर्टल: स्कूल के संसाधनों में सुधार हेतु Vidyanjali पोर्टल पर 100% रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए गए हैं।
  6. विद्यार्थी रिपोर्ट कार्ड: प्रेरणा पोर्टल पर प्रत्येक छात्र की प्रोग्रेस रिपोर्ट को पूर्ण करना होगा।
  7. इको क्लब का गठन: पर्यावरण जागरूकता हेतु स्कूलों में Eco Club का गठन कर उसका ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है।
  8. ड्रॉप बॉक्स क्लीनअप: ड्रॉप बॉक्स में लंबित बच्चों का चिन्हांकन कर उनका पुन: नामांकन सुनिश्चित करें ताकि यह सूची शून्य हो सके।
  9. टैबलेट रजिस्ट्रेशन: मिड-डे मील (MDM) की निगरानी हेतु स्कूलों को मिले टैबलेट का रजिस्ट्रेशन MDM पोर्टल पर करना अनिवार्य है।
  10. PM eVidya ऐप: सभी शिक्षकों को इस ऐप को डाउनलोड कर इसके कंटेंट का उपयोग शिक्षण में करने को कहा गया है।
  11. शारदा अभियान: आउट ऑफ स्कूल बच्चों (OOSC) के लिए शारदा ऐप के जरिए सर्वे और नामांकन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
  12. उल्लास ऐप (साक्षरता): साक्षरता अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल को 5 निरक्षरों को चिन्हित कर उनका पंजीकरण ULLAS ऐप पर करना होगा।

​कार्रवाई के लिए तैयार रहें लापरवाह शिक्षक

​शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि तीन दिन की समय सीमा समाप्त होने के बाद पोर्टल की रैंडम चेकिंग की जाएगी। यदि किसी भी विद्यालय में डेटा अधूरा पाया गया या ऐप डाउनलोड करने में कोताही बरती गई, तो इसके लिए सीधे तौर पर स्कूल हेड इंचार्ज जिम्मेदार माने जाएंगे।

विभाग का संदेश साफ है: कागजी कार्यवाही और पोर्टल के काम में अब कोई बहाना नहीं चलेगा। रिपोर्ट कार्ड से लेकर साक्षरता अभियान तक, डिजिटल डैशबोर्ड पर शत-प्रतिशत परिणाम दिखने चाहिए।


स्त्रोत: शिक्षा विभाग समीक्षा बैठक एवं आधिकारिक निर्देश।