लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज प्रदेश के शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन में आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक में करीब 27 से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए 'कैशलेस चिकित्सा सुविधा' का प्रस्ताव है।
इन शिक्षकों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रदेश सरकार अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रही है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद निम्नलिखित श्रेणियों को इसका लाभ मिलेगा:
- अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों के नियमित शिक्षक।
- एडेड कॉलेजों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक।
- स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक।
- राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक।
शहरी विकास के लिए खुलेगा खजाना
शिक्षा के साथ-साथ सरकार बुनियादी ढांचे पर भी बड़ा निवेश करने जा रही है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत प्रदेश के 8 महत्वपूर्ण शहरों के विकास के लिए करीब 800 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की संभावना है। इन शहरों में शामिल हैं: बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ।
इन विभागों के प्रस्तावों पर भी रहेगी नजर
कैबिनेट बैठक में केवल शिक्षा और आवास ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों के नीतिगत बदलावों और निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है:
- ऊर्जा एवं परिवहन: नई बुनियादी सुविधाओं और सुधारों पर चर्चा।
- औद्योगिक विकास: निवेश को बढ़ावा देने वाली नई नीतियों को स्वीकृति।
- आवास एवं स्टांप: रजिस्ट्री और शहरी विकास से जुड़े नियमों में सरलीकरण।
करीब एक महीने के अंतराल के बाद हो रही यह कैबिनेट बैठक राज्य के विकास और सरकारी कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषकर उच्च शिक्षा से जुड़े हजारों शिक्षकों के लिए यह "कैशलेस इलाज" की सौगात एक बड़ी राहत साबित होगी।


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