उत्तर प्रदेश। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2025) के परिणामों ने प्रदेश के मध्यमवर्गीय परिवारों, विशेषकर शिक्षा जगत से जुड़े अभिभावकों को गर्व का अनमोल अवसर दिया है। अंबेडकरनगर और बाराबंकी के चार होनहार युवाओं ने अपनी मेधा और कड़े परिश्रम के दम पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान सुरक्षित किया है।
इन सफलताओं की खास बात यह है कि इनमें से अधिकांश अभ्यर्थियों के माता-पिता शिक्षक या साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं।
क्रमवार सफलता की कहानी:
1. पुरु दुबे (अंबेडकरनगर) - AIR 86
- निवास: महरुआ बाजार, जिला अंबेडकरनगर।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: पुरु के पिता संजय दुबे एक शिक्षक हैं।
- सफलता: अपने तीसरे प्रयास में देश भर में 86वीं रैंक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया।
2. अभिजीत नंदन (बाराबंकी) - AIR 294
- निवास: जिला बाराबंकी।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: इनके पिता जगन्नाथ यादव राम सेवक यादव स्कूल के प्रधानाचार्य हैं।
- सफलता: अभिजीत ने उसी स्कूल से पढ़ाई की जहाँ उनके पिता कार्यरत हैं। उन्होंने 294वीं रैंक के साथ IAS बनकर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
3. अनुपम वर्मा (बाराबंकी) - IAS चयनित
- निवास: मुबारकपुर गांव, मसौली (बाराबंकी)।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: अनुपम की माता पूनम वर्मा एक शिक्षामित्र (बनियातारा, बंकी) हैं और पिता सुरेंद्र सिंह खेती करते हैं।
- सफलता: छठे प्रयास में यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। वर्तमान में अनुपम अयोध्या के सोहावल में BDO के पद पर तैनात हैं।
4. विपिन यादव (अंबेडकरनगर) - AIR 316
- निवास: एकडल्ला गांव, बसखारी ब्लॉक (अंबेडकरनगर)।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: विपिन के पिता राजाराम यादव टांडा कोतवाली में चौकीदार के पद पर कार्यरत हैं।
- सफलता: विपरीत आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद विपिन ने 316वीं रैंक प्राप्त कर साबित किया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
सम्पादकीय नोट: यह उपलब्धि विशेष रूप से बेसिक शिक्षा विभाग और शिक्षामित्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। एक शिक्षक के मार्गदर्शन और एक माँ (शिक्षामित्र) के संघर्ष ने आज उनके बेटों को देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर पहुँचाया है।


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