लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता और छात्रों के उत्साहवर्धन के लिए एक नई पहल की है। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सत्र 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत उन विद्यालयों में 'पुरस्कार वितरण समारोह' आयोजित किया जाएगा, जहाँ छात्र नामांकन की संख्या 232 से अधिक है (पीएम श्री विद्यालयों को छोड़कर)।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करना और अभिभावकों की विद्यालय की गतिविधियों में भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इन श्रेणियों में पुरस्कृत होंगे छात्र और अभिभावक
आदेश के अनुसार, विद्यालय स्तर पर निम्नलिखित श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे:
- शैक्षिक प्रदर्शन: प्रत्येक कक्षा से पिछली परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्रा।
- उपस्थिति: कक्षा में सर्वाधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थी।
- अन्य गतिविधियां: खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र।
- जागरूक अभिभावक: उन अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा जिनके बच्चों ने परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं या जिनकी उपस्थिति सबसे अधिक रही है।
- सक्रिय SMC सदस्य: विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के उन सदस्यों का सम्मान होगा जो मासिक बैठकों में नियमित रूप से भाग लेते हैं।
प्रति विद्यालय ₹6500 का बजट आवंटित
सरकार ने इस समारोह के सफल आयोजन के लिए वित्तीय व्यवस्था भी कर दी है। प्रत्येक पात्र विद्यालय को कुल ₹6,500 की धनराशि आवंटित की गई है, जिसे निम्नलिखित मदों में खर्च किया जाएगा:
- ₹1,500: लाउडस्पीकर और बैठने हेतु कुर्सियों की व्यवस्था के लिए।
- ₹2,500: समारोह में उपस्थित अभिभावकों के जलपान हेतु।
- ₹2,500: पुरस्कार सामग्री (लंच बॉक्स, स्टेशनरी, किताबें, मेडल, प्रमाण पत्र आदि) के क्रय हेतु।
आयोजन की रूपरेखा और निगरानी
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समारोह से दो दिन पूर्व अध्यापकों और बच्चों द्वारा निर्मित निमंत्रण कार्ड के माध्यम से ग्राम प्रधान, प्रभावशाली व्यक्तियों और सभी अभिभावकों को आमंत्रित किया जाएगा।
निगरानी के कड़े निर्देश:
कार्यक्रम की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिले के आला अधिकारियों को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। डायट (DIET) प्राचार्य, बीएसए (BSA), और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को अलग-अलग ब्लॉकों और विद्यालयों का अनिवार्य रूप से अनुश्रवण (Monitoring) करने को कहा गया है। इसके अलावा, प्रधानाध्यापकों को समारोह की जियो-टैग फोटोग्राफ्स प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।
प्रदेश भर के 7800 विद्यालय होंगे लाभान्वित
जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल 7800 ऐसे विद्यालय चिन्हित किए गए हैं जहाँ नामांकन 232 से अधिक है। इसके लिए सरकार द्वारा कुल ₹507 लाख (5.07 करोड़ रुपये) की सीमा (Limit) जारी की गई है।






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