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बुनियादी शिक्षा में सुधार के लिए अब गांवों में सजेगी 'शिक्षा चौपाल'

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा प्रदेश में 'निपुण भारत मिशन' के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत अब न्याय पंचायत स्तर पर 'शिक्षा चौपाल' का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा के प्रति जनसमुदाय की भागीदारी को बढ़ाना और अभिभावकों को जागरूक करना है।

Shiksha Chaupal UP Nipun Bharat Mission

​चौपाल के आयोजन का मुख्य उद्देश्य

​इस कार्यक्रम का खाका केवल सूचना देना नहीं, बल्कि संवाद स्थापित करना है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना।
  • निपुण भारत मिशन: 'निपुण लक्ष्यों' के बारे में समुदाय को जागरूक करना ताकि मार्च 2027 तक निर्धारित लक्ष्य प्राप्त किए जा सकें।
  • उपस्थिति में सुधार: बच्चों के स्कूलों में नामांकन और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना।
  • डिजिटल लर्निंग: दीक्षा ऐप, खान एकेडमी और स्मार्ट क्लासेज जैसे डिजिटल संसाधनों के बारे में जानकारी देना।

​कार्यक्रम की रूपरेखा और समय-सारणी

​दस्तावेज़ के अनुसार, प्रत्येक शिक्षा चौपाल की अवधि लगभग 2 घंटे (120 मिनट) की होगी। कार्यक्रम को व्यवस्थित रखने के लिए एक 'एजेन्डा बिंदु' भी तैयार किया गया है:

  1. परिचय (10 मिनट): विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा।
  2. ऑपरेशन कायाकल्प (10 मिनट): स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं (जैसे पेयजल, फर्नीचर, टाइल्स आदि) के सुधार पर चर्चा।
  3. निपुण भारत अपडेट (30 मिनट): बच्चों की भाषायी और गणितीय दक्षताओं पर चर्चा और टीएलएम (TLM) का प्रदर्शन।
  4. डीबीटी (DBT) लाभ (10 मिनट): यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और बैग के लिए बैंक खाते में भेजी गई धनराशि के सही उपयोग के लिए अभिभावकों को प्रेरित करना।
  5. पुरस्कार एवं सम्मान (15 मिनट): अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों और मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान।
  6. सांस्कृतिक गतिविधियाँ (30 मिनट): नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी और शपथ ग्रहण समारोह।

​बजट और वित्तीय निर्देश

​सरकार ने इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए वित्तीय प्रावधान भी किए हैं। प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर चौपाल आयोजित करने के लिए 10,000 रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस राशि का उपयोग टेंट, कुर्सी, माइक, बैनर, जलपान और फोटोग्राफी जैसे आवश्यक इंतजामों के लिए किया जाएगा।

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