फर्रुखाबाद। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राजेपुर ब्लॉक के एक कंपोजिट विद्यालय में मिड-डे मील (MDM) बजट में करीब तीन लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। मामले में दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के निर्देश पर की गई है।
यह प्रकरण वर्ष 2020-21 के कोरोना काल से जुड़ा है, जब कोविड-19 महामारी के कारण विद्यालय बंद थे। उस समय सरकार द्वारा छात्रों को मिड-डे मील योजना के तहत कन्वर्जन कॉस्ट और खाद्यान्न वितरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। जांच में पाया गया कि राजेपुर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय कुम्हौर में इस बजट का नियमानुसार उपयोग नहीं किया गया।
आरोप है कि विद्यालय में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक मृदुल सक्सेना ने मिड-डे मील खाते से अपने नाम पर चेक जारी कर लगभग ₹2,66,000 की निकासी की। वहीं सहायक शिक्षक यतेंद्र सिंह पर दो किश्तों में कुल ₹40,000 निकालने का आरोप है। इस प्रकार कुल लगभग ₹3,06,000 की अनियमित निकासी सामने आई है।
मामले का खुलासा ग्राम प्रधान हिमानी सिंह की शिकायत के बाद हुई जांच में हुआ। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हो चुकी थी। हालांकि, आरोप यह भी है कि रिपोर्ट आने के बावजूद फाइल को कार्यालय स्तर पर लंबित रखा गया।
नए बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद लंबित मामलों की समीक्षा की और इस प्रकरण पर सख्त संज्ञान लेते हुए दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की गहन जांच के लिए नई समिति गठित की गई है तथा गबन की गई धनराशि की वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
बीएसए ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता से की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच केवल संबंधित शिक्षकों तक सीमित रहती है या फाइल को लंबित रखने वाले अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आती है।



Social Plugin