राजगढ़ (हिमाचल प्रदेश): कुछ घटनाएं इतनी मर्मस्पर्शी होती हैं कि पत्थर दिल इंसान की आंखें भी नम हो जाएं। हिमाचल प्रदेश के राजगढ़ क्षेत्र से एक ऐसी ही दुखद खबर सामने आई है, जहां एक तरफ 28 वर्षीय युवा महिला कांस्टेबल नेहा शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर उनके मोबाइल पर उनकी पहली तनख्वाह (Salary) जमा होने का मैसेज आया।
एक सपने का अधूरा अंत
ग्राम पंचायत भाणत के मणोण गांव की रहने वाली नेहा शर्मा, निशा शर्मा और कमल दत्त शर्मा की सुपुत्री थीं। नेहा हाल ही में पुलिस बल में भर्ती हुई थीं और पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, बस्सी में तैनात थीं। अभी उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ही की थी कि अचानक काल के क्रूर पंजे ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। उनकी आकस्मिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे विभाग को झकझोर कर रख दिया है।
जब हर आंख हो गई नम
नेहा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। पुलिस के जवानों ने अपनी साथी को अंतिम सलामी दी। अंतिम विदाई के उस भारी माहौल में जब परिजनों को पता चला कि नेहा के बैंक खाते में उनका पहला वेतन जमा हुआ है, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। जिस पहली सैलरी को नेहा खुद खर्च करना चाहती थी, उसे देखने के लिए वह इस दुनिया में नहीं रहीं।
विभाग द्वारा दी गई सहायता
पुलिस विभाग ने अपनी इस कर्मठ सिपाही को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
- डीएसपी योगेश दत्त जोशी ने नेहा को एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही बताया।
- तत्काल सहायता के रूप में पुलिस वेलफेयर फंड से 35 हजार रुपये और रिटायरमेंट फंड से 25 हजार रुपये की राशि उनके पिता कमल दत्त शर्मा को सौंपी गई।
- इस दौरान डीएसपी तिलक राज शांडिल और डीएसपी वीसी नेगी सहित कई अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।


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