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यूपी में 14 साल बाद होगी जनगणना, 17 फरवरी से शुरू होगा मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2011 के बाद एक बार फिर जनगणना की कवायद शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना की इस विस्तृत प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए प्रथम चरण का खाका तैयार कर लिया गया है।

UP Census 2026 Training Lucknow

​जनगणना अभियान के पहले चरण में प्रदेश के 27 चयनित जिलों के मास्टर ट्रेनरों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।

​प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य फील्ड में उतरने वाले जनगणना कर्मियों (गणकों) को बारीकियों से अवगत कराना है। ट्रेनिंग के बाद ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे, ताकि डेटा संग्रह में कोई त्रुटि न रहे।

इन जिलों से होगी शुरुआत

​पहले चरण के प्रशिक्षण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण जिलों को शामिल किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

    • ​आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर।
    • ​वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, देवरिया, बलिया।
    • ​झांसी, ललितपुर और सहारनपुर समेत कुल 27 जिले।

33 सवालों के साथ घर-घर पहुंचेंगे कर्मी

​इस महाअभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हाउसहोल्ड सर्वे (मकान सूचीकरण) होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:

    • सर्वे की अवधि: 20 मई से 20 जून के बीच।
    • प्रक्रिया: जनगणना कर्मी घर-घर जाकर कुल 33 प्रश्न पूछेंगे।
    • विवरण: इन सवालों के जरिए परिवारों की आर्थिक स्थिति, आवास की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का डेटा जुटाया जाएगा।

​राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

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