शामली। जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने वर्ष 2017-18 के दौरान दी गई 'नोशनल पदोन्नति' (कागजी पदोन्नति) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस फैसले की गाज कुल 194 शिक्षकों पर गिरी है, जिनसे अब तक मिले अतिरिक्त लाभ की रिकवरी भी की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2017-18 का है, जब तत्कालीन बीएसए द्वारा 16 अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों के तहत 15 जनवरी 2018 से 31 मार्च 2018 के बीच 194 शिक्षक-शिक्षिकाओं को कनिष्ठ-वरिष्ठ वेतन समानता का लाभ देते हुए नोशनल पदोन्नति दी गई थी।
निरस्तीकरण की मुख्य बातें:
- आदेश रद्द: वर्तमान बीएसए ने पुराने 16 कार्यालय आदेशों को अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया है।
- रिकवरी की तैयारी: पदोन्नति रद्द होने के साथ ही, उन शिक्षकों से वेतन के रूप में ली गई अतिरिक्त धनराशि की वसूली (रिकवरी) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- प्रभाव: इस निर्णय से बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षक इस वित्तीय बदलाव से सीधे प्रभावित होंगे।
नोट: 'नोशनल पदोन्नति' वह प्रक्रिया है जिसमें किसी कर्मचारी को पिछली तिथि से पदोन्नत माना जाता है, लेकिन इसके वित्तीय लाभ या तो सीमित होते हैं या केवल कागजों तक ही सीमित रहते हैं। इस मामले में वेतन विसंगति दूर करने के नाम पर दिए गए लाभ को अब वापस लिया जा रहा है।


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