Type Here to Get Search Results !

विशेष शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से माँगा स्पष्टीकरण

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली: विशेष शिक्षकों (Special Educators) की योग्यता और उनकी भर्ती प्रक्रिया को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले विशेष शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

Supreme Court Building with Special Education and TET news text

​जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि नियमों में किसी भी तरह का भ्रम शिक्षकों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर जवाब तलब किया है:

  • TET की अनिवार्यता: क्या माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-12) के विशेष शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य है?
  • भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता: क्या 10 जून 2022 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश सभी स्तरों की भर्ती पर लागू होते हैं?
  • राज्यों की स्थिति: साल 2010 के बाद से क्या किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने माध्यमिक स्तर के लिए TET का आयोजन किया है?

​'प्रशासनिक पत्र' बनाम 'कानून'

​सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने तर्क दिया कि TET सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य है, साथ ही विशेष शिक्षकों के पास भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) का प्रमाणपत्र होना भी जरूरी है।

​हालांकि, जस्टिस दत्ता ने एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने 2021 के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा:

​"TET की शर्त स्पष्ट रूप से कक्षा 1 से 8 तक के लिए निर्धारित की गई थी। कक्षा 9 से 12 के लिए ऐसी कोई स्पष्ट अनिवार्यता नहीं दिखती। यदि ऐसी कोई शर्त लागू करनी है, तो वह केवल प्रशासनिक पत्रों के माध्यम से नहीं, बल्कि उचित कानून या नियमों के तहत होनी चाहिए।"

​राज्यों को अल्टीमेटम: वेतन और सेवा शर्तों पर जवाब

​अदालत ने केवल योग्यता पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के अधिकारों पर भी संज्ञान लिया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे 21 जुलाई 2022 के आदेश के अनुपालन में संविदा (Contractual) शिक्षकों के वेतन और उनकी सेवा शर्तों पर एक महीने के भीतर हलफनामा दाखिल करें।

​निष्कर्ष

​यह मामला यह तय करेगा कि क्या भविष्य में माध्यमिक स्तर के विशेष शिक्षकों को भी अन्य स्तरों की तरह TET की प्रक्रिया से गुजरना होगा। कोर्ट के इस कदम से न केवल नियमों में स्पष्टता आएगी, बल्कि विशेष शिक्षा के ढांचे में भी सुधार की उम्मीद है।


Top Post Ad

Bottom Post Ad