भारत के शिक्षा जगत में एक बार फिर बदलाव और न्याय की गूंज सुनाई दे रही है। शिक्षकों ने अपनी जायज मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। RTE एक्ट के प्रावधानों और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए 'शिक्षक एकता' के बैनर तले एक विस्तृत विरोध कार्यक्रम की घोषणा की गई है।
इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार तक यह संदेश पहुँचाना है कि शिक्षक अब और अधिक अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
📅 आंदोलन की समय सारिणी (Action Plan)
शिक्षकों ने अपनी आवाज को डिजिटल प्लेटफॉर्म से लेकर सड़कों तक ले जाने की पूरी तैयारी कर ली है:
- 22 फरवरी 2026 (आज): दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक विशाल हैशटैग अभियान चलाया जाएगा। डिजिटल शक्ति के माध्यम से अपनी मांगों को ट्रेंड कराना प्राथमिक लक्ष्य है।
- 23 से 25 फरवरी 2026: विरोध के दूसरे चरण में सभी शिक्षक अपने विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। यह मौन विरोध शिक्षकों के प्रति हो रहे अन्याय का प्रतीक होगा।
- 26 फरवरी 2026: जिला स्तर पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन। दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय पर धरना दिया जाएगा, जिसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। अंत में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- मार्च का तीसरा सप्ताह: आंदोलन का चरम पड़ाव। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल 'महारैली' आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर के शिक्षक अपनी एकजुटता का परिचय देंगे।
प्रमुख twitter (X) हैशटैग
आंदोलन को गति देने के लिए शिक्षक साथी इन हैशटैग्स का उपयोग कर रहे हैं:
- #NoTetBeforeRteAct
- #TFI_Zindabad
- #शिक्षक_एकता_ज़िंदाबाद
"शिक्षक राष्ट्र का निर्माता है, और जब निर्माता ही संघर्ष की राह पर हो, तो तंत्र को विचार करने की आवश्यकता है।"
जुड़ें और समर्थन करें
सभी शिक्षक साथियों से अपील है कि वे इस मुहिम का हिस्सा बनें और पल-पल की अपडेट के लिए आधिकारिक हैंडल @basic_pathshala को फॉलो करें।



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