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यूपी के परिषदीय स्कूलों में अब लैब में होगी पढ़ाई! 'लर्निंग बाय डूइंग' के लिए नया टाइम-टेबल जारी।

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 'लर्निंग बाय डूइंग' के लिए नया शेड्यूल जारी, अब लैब में अनिवार्य होंगे प्रैक्टिकल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों में कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing) कार्यक्रम को और अधिक व्यवस्थित किया जा रहा है। हाल ही में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी कर कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए नया समय-सारणी (Time Table) और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

​लैब में अनिवार्य रूप से होंगी गतिविधियाँ

​जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश के चयनित विद्यालयों में कक्षा 6, 7 और 8 के सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रशिक्षित अध्यापकों या तकनीकी अनुदेशकों की देखरेख में लैब गतिविधियों का आयोजन अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक कक्षा के बच्चों को सप्ताह में 2-2 दिन अनिवार्य रूप से लैब ले जाया जाएगा जहाँ वे किताबी ज्ञान को प्रयोग (Practical) के जरिए सीखेंगे।

​क्या है नई समय-सारणी?

​छात्रों की पढ़ाई और प्रैक्टिकल के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए महानिदेशक कार्यालय ने सप्ताह के दिनों को कक्षाओं के अनुसार विभाजित किया है। नया शेड्यूल निम्नवत है:

  • कक्षा 8: प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को अंतिम दो कालांश (Periods)।
  • कक्षा 7: प्रत्येक बुधवार और गुरुवार को अंतिम दो कालांश।
  • कक्षा 6: प्रत्येक शुक्रवार और शनिवार को अंतिम दो कालांश।

​'प्रेरणा ऐप' पर अपलोड करनी होगी रिपोर्ट

​इस कार्यक्रम की पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 'प्रेरणा ऐप' का सहारा लिया जाएगा। सभी संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक माह चारों ट्रेड्स की गतिविधियों और प्रैक्टिकल की कम से कम एक-एक जियो-टैग फोटो (Geotag Photo) अनिवार्य रूप से प्रेरणा ऐप पर अपलोड करें।

​अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

​महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी इस आदेश में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जनपद के चयनित विद्यालयों में इस समय-सारणी के अनुसार कालांश (Periods) आवंटित कराना सुनिश्चित करें। इसकी प्रतिलिपि मुख्य विकास अधिकारी, शिक्षा निदेशक और खंड शिक्षा अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।

निष्कर्ष: सरकार का यह कदम बच्चों को केवल रटंत विद्या से दूर ले जाकर उनमें तकनीकी और व्यावहारिक समझ विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

UP Schools Learning by Doing Lab Activities Official Order by DGSE Monica Rani.

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