गोरखपुर में प्रदेश का पहला वानिकी विश्वविद्यालय: युवाओं के लिए 'नौकरी की गारंटी' और किसानों की समृद्धि का नया द्वार
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर के जंगल कौड़िया और बिछिया क्षेत्र को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि कैम्पियरगंज में स्थापित होने वाला प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय युवाओं के लिए केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि 'नौकरी की गारंटी' बनेगा।
रोजगार और पर्यावरण का संगम
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस विश्वविद्यालय से प्राप्त डिग्री और डिप्लोमा धारकों के लिए न केवल देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर रोजगार के अपार अवसर उपलब्ध होंगे। वर्तमान में दुनिया जिस तरह से प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से जूझ रही है, उसे देखते हुए वानिकी (Forestry) विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ी है।
"दिल्ली की स्थिति आज एक गैस चैंबर जैसी हो गई है, जहाँ सांस लेना दूभर है। गोरखपुर का शुद्ध वातावरण और यह आगामी विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वनाच्छादन बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।" — योगी आदित्यनाथ
किसानों की आय में वृद्धि और प्रकृति संरक्षण
यह विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी क्रांतिकारी माना जा रहा है। सीएम के अनुसार:
- किसानों की आय: वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से उद्यानिकी (Horticulture) को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी दोगुनी करने में मदद मिलेगी।
- जटायु संरक्षण: मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में बने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केमिकल और पेस्टिसाइड्स के कारण लुप्त हो रहे गिद्धों को बचाना हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी है।
विकास की नई इबारत: कल्याण मंडपम और बुनियादी ढांचा
मुख्यमंत्री ने बिछिया कॉलोनी में 2.47 करोड़ रुपये की लागत से बने शहर के पांचवें 'कल्याण मंडपम' का लोकार्पण किया। इसके साथ ही जंगल कौड़िया ब्लॉक में नवनिर्मित बीडीओ कार्यालय का भी उद्घाटन हुआ।
संबोधन के मुख्य बिंदु:
- बीमारी पर प्रहार: सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें 'बेईमानी' और 'बीमारी' लाती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने बेईमानी रोकी और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों को जड़ से समाप्त किया।
- जनता की जिम्मेदारी: उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सड़कों और नालियों में कूड़ा न फेंकें और सिंगल यूज प्लास्टिक का पूरी तरह त्याग करें ताकि स्वच्छता बनी रहे।
- आधुनिक सुविधाएं: कल्याण मंडपम के माध्यम से कम आय वाले परिवारों को मांगलिक कार्यक्रमों के लिए एक सुलभ और भव्य स्थान उपलब्ध होगा।


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