लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नगर निकायों में लंबे समय से रिक्त चल रहे अधिशासी अधिकारियों (EO) के पदों पर भर्ती का इंतजार अब खत्म होने वाला है। स्थानीय निकाय निदेशालय ने भर्ती प्रक्रिया में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया है। जल्द ही 300 से अधिक पदों के लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को संशोधित अधियाचन भेजा जाएगा।
क्यों रुकी थी भर्ती?
इससे पहले निदेशालय ने जब आयोग को प्रस्ताव भेजा था, तो आयोग ने 6 जनवरी 2026 को इसे वापस कर दिया था। आयोग ने मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था:
- शैक्षिक योग्यता की स्थिति।
- आरक्षण का स्पष्ट वर्गीकरण।
योग्यता में बड़ा बदलाव: ओ-लेवल डिप्लोमा का रोल
निदेशालय द्वारा तैयार किए गए नए प्रस्ताव में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव कंप्यूटर योग्यता को लेकर है। अब भर्ती की शर्तों को इस प्रकार स्पष्ट किया गया है:
- प्रवेश स्तर: अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत के पदों पर चयन के लिए स्नातक (Graduate) होना अनिवार्य होगा।
- स्थायीकरण की शर्त: स्नातक के आधार पर चयन तो हो जाएगा, लेकिन नौकरी में स्थायीकरण (Confirmation) तभी मिलेगा जब कार्मिक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर में 'ओ' स्तर (O-Level) का डिप्लोमा होगा।
महत्वपूर्ण नोट: निकायों में वर्तमान में स्थायी अधिकारियों की कमी के कारण एक ही अधिकारी को कई निकायों का अतिरिक्त कार्यभार संभालना पड़ रहा है। इस नई भर्ती से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी।
आगे की प्रक्रिया
स्थानीय निकाय निदेशालय अब शासन की अनुमति के बाद संशोधित प्रस्ताव UPSSSC को भेजेगा। इसके बाद आयोग विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित करेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी तैयारी तेज कर दें और यदि ओ-लेवल प्रमाण पत्र नहीं है, तो उसके लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दें।


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