नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूचियों को अपडेट और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग द्वारा जारी हालिया आधिकारिक पत्र के अनुसार, देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) अभियान अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है।
निर्वाचन आयोग के सचिव पवन दीवान द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
किन राज्यों में लागू होगा यह अभियान?
इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे कुछ राज्यों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों को कवर किया गया है। प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची इस प्रकार है:
- उत्तर भारत: हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली (NCT)।
- दक्षिण भारत: आंध्र Pradesh, कर्नाटक और तेलंगाना।
- पूर्व और उत्तर-पूर्व: ओडिशा, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा।
- पश्चिम भारत: महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश (दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव)।
क्या है 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR)?
यह आयोग की एक नियमित लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची (Electoral Roll) को पूरी तरह शुद्ध बनाना होता है। इसके तहत निम्नलिखित कार्य किए जाते हैं:
- नए नाम जोड़ना: 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं का पंजीकरण।
- नाम हटाना: मृत या स्थान छोड़कर जा चुके व्यक्तियों के नाम सूची से हटाना।
- सुधार: पते, फोटो या नाम की स्पेलिंग में मौजूद गलतियों को ठीक करना।
आयोग का निर्देश
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन आयोग ने जून 2025 में ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिए थे। अब, जबकि पुनरीक्षण कार्य अप्रैल 2026 से शुरू होना तय है, आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को 'प्रिपरेटरी वर्क' (तैयारी संबंधी कार्य) जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है ताकि अभियान के समय किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा न आए।
नोट: मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र में बीएलओ (BLO) या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट रखने के लिए सजग रहें।


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