नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने प्राथमिक स्तर पर कार्यरत बी.एड. (B.Ed.) डिग्री धारक शिक्षकों की नियुक्ति और उनकी पात्रता को लेकर एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। बोर्ड ने 13 फरवरी 2026 को जारी किए गए उस परिपत्र (Circular No. 05/2026) को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है, जिसमें एनआईओएस (NIOS) के माध्यम से छह महीने के 'ब्रिज कोर्स' का प्रावधान किया गया था।
क्या था मामला?
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 11 अगस्त 2023 को दिए गए ऐतिहासिक निर्णय के बाद, प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5) में शिक्षक बनने के लिए बी.एड. की योग्यता को अमान्य कर दिया गया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि प्राथमिक स्तर के लिए केवल डी.एल.एड. (D.El.Ed.) या समकक्ष योग्यता ही अनिवार्य है।
हालांकि, 28 जून 2018 (NCTE की अधिसूचना) और 11 अगस्त 2023 (कोर्ट का फैसला) के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए ब्रिज कोर्स की चर्चा चल रही थी।
ताजा घटनाक्रम और सीबीएसई का निर्देश
सीबीएसई ने अपने नवीनतम आदेश में स्पष्ट किया है कि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद पिछले परिपत्र को रद्द कर दिया गया है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- परिपत्र की वापसी: 13.02.2026 को जारी आदेश संख्या 05/2026 अब प्रभावी नहीं है।
- नियमों में स्पष्टता: बी.एड. डिग्री के साथ नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों के लिए प्रस्तावित छह माह का ब्रिज कोर्स फिलहाल स्थगित या रद्द माना जाएगा।
- प्रधानाचार्यों को निर्देश: सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को इस बदलाव के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा गया है।
शिक्षकों पर इसका प्रभाव
इस आदेश के बाद उन शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है जो अपनी नौकरी सुरक्षित करने के लिए इस ब्रिज कोर्स का इंतजार कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कानूनी पेचीदगियों या एनसीटीई (NCTE) के नए दिशा-निर्देशों के मद्देनजर लिया गया हो सकता है।
नोट: यह आदेश केवल उन्हीं शिक्षकों से संबंधित है जिनकी नियुक्ति 2018 से 2023 के बीच बी.एड. योग्यता के आधार पर हुई थी।


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