अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में विभागीय अनुशासन की लक्ष्मण रेखा लांघना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सरकारी सेवा नियमावली का उल्लंघन करने और सोशल मीडिया पर राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में उच्च प्राथमिक विद्यालय अमहा के सहायक अध्यापक श्री शिव प्रताप यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सोशल मीडिया पर 'सियासत' ने छीनी कुर्सी
जांच के अनुसार, शिक्षक शिव प्रताप यादव अपनी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सक्रिय रूप से राजनीतिक दलों के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। उन्होंने '22 में बाईसिकल' जैसे नारों के साथ समाजवादी पार्टी के समर्थन में कई पोस्ट साझा किए थे। एक सरकारी सेवक होने के नाते, किसी राजनीतिक दल का प्रचार करना उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद आचरण नियमावली का सीधा उल्लंघन है।
सिर्फ राजनीति नहीं, लापरवाही के भी हैं आरोप
BSA द्वारा जारी आदेश में निलंबन के पीछे केवल राजनीतिक संलिप्तता ही एकमात्र कारण नहीं है। उन पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं:
- शिक्षण कार्य में अरुचि: विद्यालय समय के दौरान बच्चों को पढ़ाने के बजाय अन्य बाहरी गतिविधियों में व्यस्त रहना।
- अनुशासनहीनता: विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेशों की बार-बार अवहेलना करना।
- नियमों की अनदेखी: सेवा नियमावली 1973 और 1956 के तहत निर्धारित आचरण का पालन न करना।


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