लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राजस्व लेखपालों के कार्य संचालन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में शासन ने अहम पहल शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2026–27 में प्रदेशभर में राजस्व लेखपालों के लिए उनके हलकों में पंचायत भवन परिसर में एक-एक कक्षा (कार्यालय/कक्ष) के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में राजस्व परिषद द्वारा सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शासन के पूर्व आदेश के क्रम में यह जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जानी है। इसके तहत दो प्रमुख बिंदुओं पर विवरण मांगा गया है—
पहला, पंचायत भवन परिसर में कक्षा निर्माण के लिए स्थल की उपलब्धता है या नहीं।
दूसरा, कई स्थानों पर ग्राम पंचायत और लेखपाल हलके की सीमाएं समान नहीं होतीं, ऐसी स्थिति में मुख्यालय किस प्रकार तय किया जाएगा।
गूगल शीट के माध्यम से मांगा गया विवरण
पत्र में यह भी बताया गया है कि जिलाधिकारी उक्त दोनों बिंदुओं से संबंधित जानकारी एक निर्धारित गूगल शीट लिंक पर शीघ्र अपलोड कराएं, ताकि शासन स्तर पर समेकित योजना तैयार की जा सके और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो।
उद्देश्य और अपेक्षित लाभ
इस योजना का उद्देश्य लेखपालों को पंचायत स्तर पर ही बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराना है, जिससे राजस्व से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता, सुगमता और गति लाई जा सके। पंचायत भवन परिसर में कक्षा/कार्यालय बनने से आम नागरिकों को भी अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
शीघ्र कार्रवाई के निर्देश
राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे इस विषय को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित प्रारूप में सूचना तत्काल भेजें, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य को मंजूरी देकर आगे बढ़ाया जा सके।
इस पहल को ग्रामीण स्तर पर राजस्व प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


Social Plugin