Type Here to Get Search Results !

प्राथमिक स्कूलों के 32 हजार शिक्षक 6 माह के ब्रिज कोर्स के तहत सीखेंगे छोटे बच्चों को पढ़ाने के तरीके

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में बीएड के आधार पर प्राथमिक स्कूलों में चयनित 32 हजार से अधिक सहायक अध्यापकों को ब्रिज कोर्स के दौरान तीन से छह साल तक के बच्चों को भी पढ़ाना सीखना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से छह माह के ब्रिज कोर्स के लिए 19 जनवरी तक आवेदन मांगे हैं। शीर्ष अदालत ने 28 जून 2018 के बाद और 11 अगस्त 2023 से पहले प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त बीएड अर्हताधारी सहायक अध्यापकों को ब्रिज कोर्स करवाने के निर्देश दिए थे।

बी0एड0 ब्रिज कोर्स ट्रेनिंग

एनआईओएस ने ही छह माह का विशेष ब्रिज कोर्स तैयार किया है, जिसे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने दो जुलाई 2025 को मान्यता दी थी। छह माह का यह विशेष पाठ्यक्रम पिछले प्रशिक्षणों से इसीलिए अलग है क्योंकि इसमें राष्ट्रीय शिाा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों को भी शामिल किया गया है।

एनईपी में पुरानी 10+2 (छह से 18 साल) शिक्षा संरचना को बदलकर 5+3+3+4 (तीन से 18 साल तक के बच्चों) की नई संरचना लागू करने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बच्चों के मानसिक और शैक्षिक विकास के अनुरूप शिक्षा दी जा सके।

राहुल पांडे ‘अविचल’ का कहना है कि एनईपी में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को औपचारिक शिक्षा का अभिन्न अंग माना गया है। तीन से छह साल के बच्चों के लिए खेल, गतिविधि और अनुभव आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है, ताकि सीखने की नींव मजबूत हो सके। इसका विशेष प्रशिक्षण ब्रिज कोर्स के दौरान दिया जाएगा।

Top Post Ad

Bottom Post Ad