प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 29–30 जनवरी को प्रस्तावित टीईटी का आयोजन होगा या नहीं, इस पर निर्णय अब जनवरी में होने वाली आयोग की बैठक में लिया जाएगा। दरअसल, आयोग में 25 से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश होने और परीक्षा की तैयारी में लगने वाले लंबे समय को देखते हुए तय तिथि पर परीक्षा कराना मुश्किल माना जा रहा है।
पूर्व निर्धारित तिथि पर टीईटी होना मुश्किल
आयोग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, टीईटी परीक्षा से जुड़ी तैयारियां समय लेने वाली होती हैं। अभी तक टीईटी के लिए विज्ञापन जारी नहीं हुआ है, न ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई है। ऐसे में 29–30 जनवरी को परीक्षा आयोजन को लेकर संशय बना हुआ है।
23 दिसंबर को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिए गए हैं कि वह टीईटी आयोजन को लेकर समयसारिणी तैयार कर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। इसके लिए अन्य आयोगों और भर्ती संस्थाओं के परीक्षा कैलेंडर का अध्ययन भी किया जाएगा।
युवाओं को है टीईटी आयोजन का इंतजार
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक भर्ती में टीईटी की अनिवार्यता को देखते हुए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। युवाओं की उम्मीद थी कि शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में टीईटी को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
परीक्षा से जुड़ी प्रक्रियाएं बनीं बड़ी बाधा
टीईटी आयोजन से पहले कई जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं, जिनमें शामिल हैं—
- विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन लेना
- परीक्षा एजेंसी का चयन
- आवेदकों की संख्या के अनुसार परीक्षा केंद्रों का निर्धारण
- प्रश्नपत्रों का निर्माण और माडरेशन
- प्रश्नपत्रों की छपाई और सुरक्षित रूप से कोषागार तक पहुंचाना
इन सभी चरणों को देखते हुए तय तिथि पर परीक्षा कराना फिलहाल संभव नहीं माना जा रहा है।
जनवरी की बैठक में हो सकता है स्थगन का फैसला
ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि नए वर्ष में होने वाली आयोग की पहली बैठक में टीईटी को स्थगित करने का निर्णय लिया जा सकता है। इसके बाद ही टीईटी और वर्ष 2022 की टीजीटी एवं पीजीटी परीक्षाओं के आयोजन की नई तिथियां घोषित की जाएंगी।
टीईटी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभ्यर्थियों को अब जनवरी में होने वाली आयोग की बैठक का इंतजार है, जिसमें परीक्षा की दिशा और तिथि को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

