लखनऊ। टीईटी अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश सहित देशभर के लाखों शिक्षक 11 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्षों से शिक्षा सेवा में योगदान दे रहे सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट मिलनी चाहिए, ताकि उनके सेवाभाव और अनुभव का सम्मान हो सके।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से शिक्षक बड़ी संख्या में दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों के माध्यम से आज रात दिल्ली पहुंचेंगे और 11 दिसंबर को बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन करेंगे।
इससे पहले संयुक्त संगठन अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को टीईटी अनिवार्यता से संबंधित मुद्दों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस टीम का नेतृत्व भाजपा एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने किया।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई परीक्षा की बाध्यता थोपना उचित नहीं है तथा सरकार को उनके हित में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। आगामी प्रदर्शन को लेकर शिक्षक संगठनों में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं और उम्मीद है कि आंदोलन सरकार का ध्यान आकर्षित करेगा।


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