प्रयागराज। चार साल बाद एडेड जूनियर हाई स्कूलों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही अभ्यर्थियों की दिक्कतें तेजी से बढ़ने लगी हैं। तकनीकी त्रुटियों और लगातार बढ़ती शिकायतों ने भर्ती सिस्टम की कमियों को उजागर कर दिया है। स्थिति यह है कि बेसिक शिक्षा निदेशालय को अब तक 4200 से अधिक शिकायत वाले ई-मेल प्राप्त हो चुके हैं, और रोजाना लगभग 200 नए ई-मेल आ रहे हैं।
मोबाइल नंबर अपडेट का सबसे बड़ा संकट
अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी दिक्कत मोबाइल नंबर अपडेट न हो पाना है।
- अब तक 725 अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर अपडेट किए जा चुके हैं।
- लेकिन 800 ई-मेल ऐसे मिले जिन पर कार्यवाही नहीं हो सकी क्योंकि अभ्यर्थियों ने आवश्यक साक्ष्य संलग्न ही नहीं किए थे।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल नंबर बदलवाने के लिए हाईस्कूल प्रमाणपत्र, भर्ती आवेदन की प्रति, और पहचान पत्र भेजना अनिवार्य है, लेकिन कई उम्मीदवार बिना किसी दस्तावेज के ई-मेल भेज रहे हैं।
यदि शिकायतें इसी गति से आती रहीं, तो आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने पर भी विचार करना पड़ सकता है।
शिकायत निस्तारण के लिए बढ़ाया स्टाफ
डायरेक्टर बेसिक शिक्षा प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि शिकायतों के समाधान के लिए 27 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है। फिर भी शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ने से निस्तारण प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
तकनीकी खामियों से बढ़ती परेशानी
भर्ती पोर्टल पर अभ्यर्थियों को स्कैन दस्तावेज अपलोड करते समय गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
- फोटो, आईडी और हस्ताक्षर 20 केबी में स्पष्ट दिख जाते हैं
- लेकिन जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज धुंधले या आधे-अधूरे अपलोड हो रहे हैं
यह समस्या बड़े पैमाने पर सामने आने के बाद अपर मुख्य सचिव ने गुरुवार को डायरेक्टर बेसिक शिक्षा को तलब किया था। इसके बावजूद शुक्रवार शाम पाँच बजे तक कोई तकनीकी सुधार लागू नहीं हो सका।
निदेशालय पहुंचने वाले कई अभ्यर्थियों ने बताया कि वे कई बार प्रयास करने के बावजूद स्पष्ट दस्तावेज अपलोड नहीं कर पा रहे, जिससे आवेदन अधूरा माना जाने का खतरा बढ़ गया है।
निष्कर्ष
एडेड जूनियर हाई स्कूल भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत में ही इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें और तकनीकी खामियाँ गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। यदि समस्याएँ शीघ्र दूर नहीं हुईं, तो न केवल आवेदन अवधि प्रभावित होगी बल्कि अभ्यर्थियों में असंतोष भी बढ़ सकता है।
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