शासन का फैसला, बिना विकल्प सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों-कर्मियों को मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। शासन ने निर्णय लिया है कि बिना विकल्प दिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमानुसार ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे शिक्षक और शिक्षणेत्तर कार्मिक, जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए निर्धारित शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें इस फैसले का लाभ मिलेगा।
किन शिक्षकों-कर्मियों को मिलेगा लाभ
शासनादेश के अनुसार, यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो:
- न्यूनतम 20 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके हों
या - 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हों
और
- जिन्हें 60 या 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने का विकल्प दिए बिना स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी गई हो।
ऐसे मामलों में कर्मचारियों की कुल सेवावधि के आधार पर नियमानुसार ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा।
लंबे समय से चली आ रही थी मांग
शिक्षक संगठनों की ओर से लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि बिना विकल्प स्वैच्छिक सेवानिवृत्त किए गए शिक्षकों और कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित न किया जाए। शासन के इस फैसले से ऐसे शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
शिक्षकों में खुशी की लहर
सरकार के इस निर्णय को बेसिक और एडेड जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल उनके अधिकार सुरक्षित होंगे, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों में स्पष्टता भी आएगी।
प्रदेश सरकार का यह फैसला बेसिक और एडेड जूनियर शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय है, जिससे उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके वैधानिक लाभ मिल सकेंगे।

