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2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता का विरोध तेज, सांसद को सौंपा गया ज्ञापन

Sir Ji Ki Pathshala

झांसी। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू किए जाने के आदेश के बाद से प्रदेशभर के शिक्षक विरोध में उतर आए हैं। इसी क्रम में झांसी और ललितपुर के शिक्षकों ने लोकसभा सांसद अनुराग शर्मा के आवास पहुंचकर उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा और टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा के आवाहन पर प्रदेशभर में सांसदों को ज्ञापन सौंपने का अभियान चलाया जा रहा है। झांसी में जिलाध्यक्ष जितेन्द्र दीक्षित और ललितपुर के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया के नेतृत्व में शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद के प्रतिनिधि को ज्ञापन दिया और कहा कि 2011 से पूर्व तैनात शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता थोपना अनुचित और असंगत है, क्योंकि वे अपनी तात्कालिक शैक्षिक योग्यता और सेवा अर्हता पूरी करने के पश्चात ही नियुक्त हुए थे।

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शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह विधायी शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोकहित में आवश्यक संशोधन करे, जिससे पुराने शिक्षकों को राहत मिल सके। बताया गया कि शिक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब उन पर नई परीक्षा की अनिवार्यता थोपना अव्यावहारिक है।

प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से निवेदन किया कि वे इस मुद्दे को शीतकालीन सत्र में प्रभावी रूप से उठाएं। सांसद प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की मांग को गंभीरता से संसद में रखा जाएगा और ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला मंत्री झांसी मृत्युंजय सिंह, जिला मंत्री ललितपुर अरुण गोस्वामी, आलोक श्रीवास्तव, डॉ. अनिरुद रावत, संजीव पटेरिया और उत्कर्ष त्रिपाठी सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।

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