सरकारी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में नागरिकता, पहचान एवं निवास के सत्यापन को लेकर एक बार फिर स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने आए हैं। संबंधित प्रावधानों के अनुसार, यदि नागरिकता या पहचान के समर्थन में दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता हो, तो नीचे दिए गए प्रमाणों को मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
पहचान एवं नागरिकता के लिए मान्य दस्तावेज
- केंद्र सरकार/राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र अथवा पेंशन संबंधी आदेश।
- भारत में 01 जुलाई 1987 से पूर्व सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी पहचान पत्र, प्रमाणपत्र या दस्तावेज।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र।
- पासपोर्ट।
- मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक अथवा शैक्षिक प्रमाणपत्र।
- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र।
- वन अधिकार प्रमाणपत्र।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग या अन्य किसी जाति का प्रमाणपत्र।
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), जहाँ भी यह उपलब्ध हो।
- राज्य अथवा स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर।
- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि अथवा गृह आवंटन प्रमाणपत्र।
- आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ईआरआरएस/Vol.II दिनांक 09.09.2025 (अनुलग्नक-II) के अंतर्गत जारी निर्देश लागू होंगे।
- दिनांक 01.07.2025 के संदर्भ में बिहार के विशेष गहन पुनरीक्षण की निर्वाचक नामावली का अंश।
प्रशासनिक प्रक्रियाओं में मिलेगी सुविधा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन दस्तावेजों की सूची का उद्देश्य नागरिकों को पहचान एवं नागरिकता सत्यापन से जुड़ी प्रक्रियाओं में स्पष्टता प्रदान करना है, ताकि अनावश्यक विवाद और भ्रम की स्थिति से बचा जा सके। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन के दौरान केवल इन्हीं मान्य दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लिया जाए।

