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शिक्षक भर्ती में प्रतीक्षा सूची समाप्त होने से प्रतियोगी छात्रों में रोष, आंदोलन की चेतावनी

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों एवं माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती में प्रतीक्षा सूची की व्यवस्था समाप्त किए जाने से प्रतियोगी छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आयोग के इस निर्णय को अभ्यर्थी अन्यायपूर्ण बताते हुए इसके खिलाफ आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।



✒ प्रतियोगी छात्रों ने उठाई आवाज

प्रतियोगी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शीतला प्रसाद ओझा ने कहा कि प्रतीक्षा सूची समाप्त करना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उनका तर्क है कि टीजीटी और पीजीटी की भर्तियां सामान्यतः चार से पाँच वर्ष में पूरी होती हैं, ऐसे में प्रतीक्षा सूची न होने से अनेक योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलने से वंचित होना पड़ेगा।

📜 अधिनियम में संशोधन की मांग

प्रतियोगी छात्रों ने मांग की है कि
“टीजीटी–पीजीटी भर्ती में प्रतीक्षा सूची का प्रावधान उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग अधिनियम 2023 में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।”
उनका कहना है कि प्रतीक्षा सूची बहाल होने से बड़ी संख्या में छात्रों को नौकरी पाने का मौका मिलता है और सीटें खाली नहीं जातीं।

🔥 आंदोलन की चेतावनी

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि आयोग ने इस मुद्दे पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो अभ्यर्थी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। छात्रों का दावा है कि वे अपने भविष्य और अधिकारों की सुरक्षा के लिए संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।


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