प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में बीएड के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में चयनित सहायक अध्यापकों के लिए अनिवार्य छह माह के ब्रिज कोर्स को लेकर बड़ी संख्या में आवेदन सामने आए हैं। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) को अब तक उत्तर प्रदेश के 32,106 सहायक अध्यापकों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो देशभर से आए कुल आवेदनों का आधे से अधिक हिस्सा है।
यह ब्रिज कोर्स सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में संचालित किया जा रहा है। एनआईओएस ने उन बीएड अर्हताधारी सहायक अध्यापकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं, जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 के बाद और 11 अगस्त 2023 से पहले प्राथमिक विद्यालयों में हुई है।
आवेदन की तिथि बढ़ी
पहले ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 दिसंबर निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 19 जनवरी कर दिया गया है। एनआईओएस की ओर से यह निर्णय शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
देशभर से 56 हजार से अधिक आवेदन
25 दिसंबर तक देश के 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 56,072 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से सबसे अधिक आवेदन उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुए हैं। यूपी के बाद
- मध्य प्रदेश से 8,633,
- बिहार से 6,972,
- पश्चिम बंगाल से 5,288,
- छत्तीसगढ़ से 1,026 शिक्षकों ने आवेदन किया है।
उत्तर प्रदेश से आवेदन करने वाले अधिकांश शिक्षक वे हैं, जिनका चयन 69,000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत हुआ था।
ओडीएल माध्यम से होगा ब्रिज कोर्स
एनआईओएस द्वारा प्राथमिक शिक्षक शिक्षा का यह छह माह का प्रमाणपत्र (ब्रिज कोर्स) दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा (ओडीएल) माध्यम से संचालित किया जाएगा। शिक्षकों को कोर्स शुरू होने की तिथि से एक वर्ष के भीतर एक ही प्रयास में इसे पूरा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में कोर्स पूरा न करने की स्थिति में संबंधित शिक्षक की नियुक्ति अमान्य मानी जाएगी।
एनसीटीई से मिली है मान्यता
इस ब्रिज कोर्स को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 2 जुलाई 2025 को मान्यता प्रदान की थी। एनआईओएस मुख्यालय, नोएडा स्थित सक्षमता निर्माण प्रकोष्ठ के उपनिदेशक आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी गई है।
ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड अर्हताधारी शिक्षकों को प्राथमिक शिक्षा के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

