नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार कार्ड को अधिक सुरक्षित बनाने और उसके दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब आधार कार्ड पर केवल धारक की तस्वीर और QR कोड होगा। प्राधिकरण का मानना है कि छपे हुए विवरण का दुरुपयोग आसानी से किया जाता है, इसलिए आधार को डिजिटल रूप में अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।

📌 आधार अधिनियम के अनुसार ऑफलाइन सत्यापन पर रोक
UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार अधिनियम के तहत किसी भी उद्देश्य से—
- आधार संख्या
- बायोमेट्रिक विवरण
- या अन्य व्यक्तिगत जानकारी
को ऑफलाइन सत्यापन के लिए संग्रह, उपयोग या भंडारण करने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद होटल, इवेंट आयोजक और कई संस्थान आधार की फोटोकॉपी लेकर ऑफलाइन सत्यापन करते हैं, जो कानून के विपरीत है।
📌 दिसंबर में आएंगे नए नियम
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया कि:
- दिसंबर में आधार संबंधी नए नियम लाने पर विचार किया जा रहा है।
- लक्ष्य है कि होटल व आयोजक ऑफलाइन सत्यापन करना बंद करें।
- गोपनीयता की रक्षा करते हुए आधार का उपयोग केवल QR कोड स्कैन या आधार संख्या आधारित प्रमाणीकरण से ही हो।
कुमार ने कहा कि मुद्रित विवरण का दुरुपयोग आसान है, इसलिए कार्ड पर अनावश्यक जानकारी नहीं होनी चाहिए।
📌 नया आधार कार्ड कैसा होगा?
नई व्यवस्था में आधार कार्ड में शामिल होंगे:
- ✔️ केवल व्यक्ति की तस्वीर
- ✔️ सुरक्षित QR कोड (जिसमें एन्क्रिप्टेड डाटा रहेगा)
अब पता, जन्मतिथि, लिंग या अन्य विवरण छपे रूप में कार्ड पर मौजूद नहीं रहेंगे।
📌 आधार दस्तावेज नहीं, बल्कि पहचान प्रमाणीकरण का माध्यम
UIDAI प्रमुख ने साफ कहा:
“आधार को दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
सत्यापन केवल आधार संख्या या QR कोड के माध्यम से ही होना चाहिए,
अन्यथा यह नकली दस्तावेज साबित हो सकता है।”
📌 उद्देश्य: डाटा सुरक्षा और दुरुपयोग रोकना
इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य—
- नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित करना
- फर्जी आधार कार्ड और डुप्लीकेट पहचान को रोकना
- संस्थानों द्वारा अनधिकृत ऑफलाइन सत्यापन पर रोक
- आयु सत्यापन व अन्य सेवाओं में डिजिटल प्रमाणीकरण को बढ़ावा देना

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