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🔴 UGC letter regarding: UGC Fee Refund Policy for Academic Session 2025-26
यूजीसी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर कहा है कि कोई भी उच्च शिक्षण संस्थान छात्र की फीस या उसके मूल अकादमिक प्रमाणपत्र अपने पास नहीं रख सकता। आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर कोई संस्थान इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
यूजीसी ने साफ किया है कि नियम न मानने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द की जा सकती है, ग्रांट रोकी जा सकती है, दाखिले पर रोक लगाई जा सकती है, या फिर जुर्माना लगाया जा सकता है। राज्य सरकारों के अधीन आने वाले संस्थानों के खिलाफ राज्य अधिनियम (State Act) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
यूजीसी सचिव ने लिखा पत्र
यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने सभी राज्य सरकारों और विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कई कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों की फीस वापस नहीं कर रहे हैं और उनके मूल सर्टिफिकेट तक रोक कर रखे जा रहे हैं।
राज्य सरकारों से सख्त पालन की अपील
यूजीसी ने राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने राज्यों में स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में फीस वापसी और प्रमाणपत्र रिटर्न नीति को सख्ती से लागू करवाएं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह कदम छात्रों के हितों की रक्षा करने और उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


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