नगीना से लोकसभा सांसद एडवोकेट चन्द्रशेखर आज़ाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ठप पड़ी पढ़ाई पर गंभीर चिंता जताई है। सांसद ने कहा है कि शिक्षकों को बीएलओ (Booth Level Officer) ड्यूटी में लगातार लगाए जाने से विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
सांसद चन्द्रशेखर के अनुसार, बड़ी संख्या में शिक्षक, प्रधानाध्यापक और शिक्षामित्रों को निर्वाचन आयोग के विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) और पंचायत चुनाव की तैयारियों में बीएलओ ड्यूटी सौंपी गई है। इसके चलते विद्यालयों में नियमित कक्षाएँ नहीं चल पा रहीं और छात्रों का अर्धवार्षिक पाठ्यक्रम अधूरा रह गया है।
उन्होंने कहा कि “एक शिक्षक पर विद्यालय संचालन और विभागीय कार्यों दोनों का दबाव है। इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना असंभव हो गया है। शिक्षकों को गैर-शैक्षिक कार्यों में लगाना शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) की भावना के विपरीत है और यह बच्चों के मौलिक शिक्षा अधिकार का उल्लंघन है।”
सांसद ने रखीं चार प्रमुख माँगें
सांसद ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से निम्न चार प्रमुख कदम उठाने की अपील की है—
- बीएलओ व अन्य निर्वाचन कार्यों से शिक्षकों को यथासंभव मुक्त किया जाए।
- विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक कर्मियों की नियुक्ति की जाए।
- शिक्षकों की अनुपस्थिति से हुई शैक्षिक हानि की भरपाई हेतु विशेष कक्षाएँ संचालित की जाएँ।
- आगामी परीक्षाओं से पूर्व पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए विशेष शिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएँ।
सांसद चन्द्रशेखर ने पत्र में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की नींव होती है, इसलिए चुनावी या प्रशासनिक कार्यों के कारण विद्यालयों की नियमितता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप और ठोस कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है।

