नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बीएलओ (BLO) ड्यूटी का बढ़ता बोझ एक बार फिर गंभीर समस्या बनकर सामने आया है। नोएडा सेक्टर-34 के गेझा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक शिक्षिका पिंकी सिंह ने अत्यधिक कार्यभार और स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अपनी सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया।
थायराइड से पीड़ित शिक्षिका ने अपना इस्तीफा निर्वाचन अधिकारी को संबोधित करते हुए बीएलओ ग्रुप पर भेजा। पत्र में उन्होंने साफ लिखा कि शिक्षण कार्य और BLO जिम्मेदारियों का दोहरा दबाव अब उनके लिए असहनीय हो गया है।
215 फॉर्म अपलोड करने के बाद टूटा सब्र
अपने इस्तीफे में पिंकी सिंह ने बताया कि
- उनका BLO पार्ट नंबर 206 है
- मतदाता स्थल रॉकवुट स्कूल निर्धारित है
- उनके भाग में 1179 मतदाता दर्ज हैं
- इनमें से 215 फॉर्म वह ऑनलाइन फीड कर चुकी हैं
उन्होंने लिखा—
"मैं अपने जॉब से रिजाइन दे रही हूं, क्योंकि अब मेरे से यह काम नहीं होगा। न शिक्षण कार्य हो पाएगा, न ही BLO का कार्य। कृपया बताएं मैं निर्वाचन का सामान किसे सौंपूं।"
शिक्षकों पर बढ़ता दबाव बना चिंता का विषय
राज्य में SIR अभियान के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक BLO ड्यूटी में लगाए जाते हैं, जिसके कारण शिक्षण कार्य प्रभावित होने की शिकायतें लगातार उठती रही हैं। कई शिक्षक स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद फील्ड कार्य करने को मजबूर महसूस करते हैं। पिंकी सिंह का इस्तीफा इस बहस को फिर से गरम कर गया है कि क्या शिक्षा व्यवस्था को ऐसे गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ ढोना चाहिए।
क्या सरकार लेगी संज्ञान?
घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग व निर्वाचन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि BLO कार्य पूरी तरह फील्ड आधारित होने के कारण शिक्षकों पर इसका दबाव असंगत है।
अब देखना होगा कि विभाग इस मामले को लेकर क्या रुख अपनाता है और शिक्षकों पर BLO ड्यूटी के बोझ को कम करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


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