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यूपी में चार फर्जी विश्वविद्यालयों का खुलासा: उच्च शिक्षा निदेशालय की जांच शुरू, कई पते मिले गलत

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में फर्जी विश्वविद्यालयों का गंभीर मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी सूची में राज्य के चार फर्जी विश्वविद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जिसके बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने जांच बैठा दी है। प्रारंभिक जांच में प्रयागराज और नोएडा के नाम वाले दो फर्जी विश्वविद्यालयों का कोई वास्तविक पता ही नहीं मिला, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।


Fake Universities

UGC ने जारी की थी 22 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची

पिछले महीने UGC ने ऐसे संस्थानों की सूची जारी की थी जो बिना मान्यता के डिग्री बाँट रहे हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के चार नाम शामिल हैं—

  1. गाँधी हिंदी विद्यापीठ प्रयाग, इलाहाबाद (प्रयागराज)
  2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस मुक्त विश्वविद्यालय, अलीगढ़
  3. भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ
  4. महामाया तकनीकी विश्वविद्यालय, नोएडा

सूची आने के बाद शासन ने निदेशालय से विस्तृत रिपोर्ट तलब की।


जांच में बड़ा खुलासा: प्रयागराज और नोएडा में पते ही फर्जी

निदेशालय के अधिकारियों ने जांच शुरू की तो पाया कि—

  • प्रयागराज स्थित गाँधी हिंदी विद्यापीठ का कोई वास्तविक पता ही मौजूद नहीं है
  • UGC की सूची में इसके पते का जिक्र भी नहीं किया गया है।
  • संदेह है कि यह “केवल वेबसाइट पर आधारित” फर्जी संस्थान है जिसका जमीनी अस्तित्व नहीं है।

इसी तरह—

  • नोएडा के महामाया तकनीकी विश्वविद्यालय का पता भी पूरी तरह गलत पाया गया।
  • डाक विभाग ने बताया कि इस नाम पर लगातार चिट्ठियाँ आती हैं लेकिन पते के फर्जी होने पर हर बार वापस लौटाई जाती हैं।

बुधवार तक मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट, FIR होगी दर्ज

उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि—

  • क्या ये संस्थान अब भी चल रहे हैं?
  • किन-किन कोर्सों की फर्जी डिग्रियाँ बांटी जा रही हैं?
  • इनके खिलाफ पहले क्या कार्रवाई हुई है?

इन सभी बिंदुओं पर बुधवार तक पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
27 नवंबर तक निदेशालय यह रिपोर्ट शासन को भेज देगा। इसके बाद शासन के आदेश पर फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी।


इन विश्वविद्यालयों की डिग्री पूरी तरह अमान्य

सहायक निदेशक डॉ. बी.एल. शर्मा ने साफ कहा—

“इन फर्जी विश्वविद्यालयों की डिग्रियाँ पूरी तरह अमान्य हैं।
इनसे छात्रों को न नौकरी मिलेगी, न उच्च शिक्षा में प्रवेश।”

उन्होंने पुष्टि की कि प्रयागराज में फर्जी विश्वविद्यालय का कोई पता नहीं मिला और मामला बेहद संदिग्ध है।


छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़

ऐसे फर्जी विश्वविद्यालय—

  • छात्रों से पैसे लेकर फर्जी डिग्री देते हैं,
  • और युवाओं का करियर खतरे में डाल देते हैं।

निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कोर्स में प्रवेश लेने से पहले UGC की मान्यता सूची अवश्य देखें।