लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। अब विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है, जिसके तहत सभी (100%) पदों पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से सीधी भर्ती होगी।
✍️ पहले की व्यवस्था
पहले लागू नियमावली के अनुसार —
- 80% पद सीधी भर्ती से भरे जाते थे।
- 10% पद उच्च प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति से भरे जाते थे।
- शेष 10% पद प्रसार एवं शिल्प अध्यापकों की पदोन्नति से भरे जाते थे।
करीब दो दशक पहले एक शासनादेश के माध्यम से 20% पदोन्नति कोटा समाप्त कर दिया गया था, लेकिन यह व्यवस्था नियमावली में औपचारिक रूप से दर्ज नहीं की गई थी। अब विभाग ने यह कदम विधिक अड़चनों को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया है।
नियमावली संशोधन का उद्देश्य
विभाग का मानना है कि भर्ती नियमावली में सीधे संशोधन से भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी जटिलता या विवाद उत्पन्न नहीं होगा।
इससे पहले भी 1992 में लागू उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा संशोधित नियमावली में अहम बदलाव किए गए थे।
शैक्षिक योग्यता में भी हुआ संशोधन
नए प्रावधान के अनुसार अब केवल वे ही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जो -
किसी विश्वविद्यालय, मानित विश्वविद्यालय या संस्था से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त हों।
पहले “समकक्षता (equivalence)” शब्द का उपयोग किया जाता था, जिसके कारण कई बार विवाद और मुकदमेबाजी की नौबत आती थी। अब यह शब्द नियमावली से हटा दिया गया है, जिससे पात्रता को लेकर कोई भ्रम नहीं रहेगा।
आयोग को भेजे गए 134 रिक्त पदों का अधियाचन
शिक्षा निदेशालय की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी के 134 रिक्त पदों का अधियाचन पहले ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को भेजा जा चुका है।
नियमावली में संशोधन के बाद जल्द ही इन पदों के लिए नया विज्ञापन जारी होने की उम्मीद है।
पिछली भर्ती का रिकॉर्ड
आयोग ने इससे पहले 2019 में 309 पदों के लिए खंड शिक्षा अधिकारी भर्ती आयोजित की थी।
उस भर्ती में 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिससे इस पद की लोकप्रियता और प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
क्या बदलेगा नई व्यवस्था से?
- अब सभी पदों पर सीधी भर्ती होगी, जिससे प्रक्रिया और पारदर्शी बनेगी।
- पदोन्नति कोटा समाप्त होने से वरिष्ठ शिक्षकों के लिए अवसर सीमित होंगे।
- भर्ती पूरी तरह लोक सेवा आयोग के नियंत्रण में रहेगी, जिससे चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
📌 संभावना है कि नियमावली संशोधन की स्वीकृति मिलते ही आयोग नई भर्ती का विज्ञापन जारी करेगा।
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