लखनऊ। प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को और सशक्त और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने स्कूल रेडीनेस अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की है। यह अभियान 15 दिसंबर से 31 मार्च तक चलेगा। इस दौरान 5 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि हर बच्चे को शुरुआती शिक्षा का समान अवसर मिल सके।
बच्चों की मजबूत नींव पर फोकस
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य—
- हर बच्चे को समान अवसर,
- मजबूत शुरुआत,
- और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराना है।
इसके लिए बालवाटिकाओं में विशेष शिक्षण गतिविधियों और अनुभवात्मक अधिगम पर आधारित कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।
आंगनबाड़ी: बच्चे के सीखने की पहली सीढ़ी
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के सीखने और विकास की वास्तविक शुरुआत होते हैं।
- यहीं बच्चे पहली बार सामाजिक, मानसिक और भाषाई विकास के कौशल सीखने लगते हैं।
- इसलिए इस उम्र के बच्चों का आंगनबाड़ी में नामांकन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही शिक्षकों का क्षमता संवर्धन भी अभियान का हिस्सा है, जिससे वह बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान कर सकें।
अभियान से क्या उम्मीदें?
इस अभियान के माध्यम से—
- अधिक बच्चों का आंगनबाड़ी से जुड़ाव बढ़ेगा,
- प्रारंभिक पढ़ाई में बच्चों की पकड़ मजबूत होगी,
- स्कूलों में दाखिले के समय बच्चे पहले से तैयार रहेंगे,
- और प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यह अभियान बच्चों की शैक्षिक यात्रा की सबसे मजबूत नींव साबित होगा।
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