प्रतापगढ़। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए एक नवाचारपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। अब जिले के परिषदीय विद्यालयों में शनिवार को छात्र-छात्राएं किताबें लेकर स्कूल नहीं आएंगे। इसके स्थान पर वे खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और अनुभव आधारित सीखने में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही बच्चों को चिड़ियाघर, संग्रहालय और स्थानीय स्थलों की शैक्षिक सैर भी कराई जाएगी।

किताबों से बाहर की दुनिया से जुड़ेंगे बच्चे
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक दुनिया से जोड़ना है। इससे उनमें—
- मानसिक दबाव कम करने,
- अनुभवजन्य ज्ञान प्राप्त करने,
- स्थानीय परिवेश के अनुरूप सीखने,
- और कौशल विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसी को ध्यान में रखते हुए आनंदम नामक विशेष सुझाव पुस्तिका तैयार की गई है, जिसके आधार पर गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
कक्षा 6 से 8 के बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम
बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि विभागीय आदेश प्राप्त होने के बाद सभी परिषदीय विद्यालयों में नियम के अनुसार बैगलेस डे मनाया जाएगा।
- यह व्यवस्था कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए लागू होगी।
- कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (KGBV) को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
बच्चों को स्थानीय पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक क्षेत्रों एवं सांस्कृतिक स्थानों की सैर कराकर शिक्षा को अधिक रोचक और व्यावहारिक बनाने की तैयारी है।
शिक्षा को अधिक आनंददायक बनाने की पहल
अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से बच्चे तनावमुक्त होकर सीखेंगे और शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर जीवन कौशलों से भी सम्पन्न होगी। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
