Type Here to Get Search Results !

हिमाचल प्रदेश में 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET अनिवार्यता से राहत की कार्रवाई तेज

Sir Ji Ki Pathshala

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2010 से पूर्व भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत नियुक्त शिक्षकों को TET (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता से राहत दिलाने को लेकर मामला अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश शिक्षा सचिव कार्यालय ने इस विषय में राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को स्कूल शिक्षा निदेशक को अग्रेषित किया है, जिससे प्रक्रिया ने औपचारिक रूप से गति पकड़ ली है।


TET Matter


📌 शिक्षा सचिव का पत्र: कार्रवाई का आदेश

शिक्षा सचिव ने 10 नवंबर 2025 को स्कूल शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर कहा है कि—

  • इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा भेजे गए दस्तावेजों और संघ की अपील को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई की जाए।

इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार भी इस संवेदनशील विषय में अब अपने स्तर पर हस्तक्षेप करने के लिए तैयार है।


📌 मामला कैसे पहुंचा केंद्र तक?

  • टीजीटी कला संघ के महासचिव विजय हीर ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को याचिका भेजी थी।
  • PMO ने इसे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा।
  • मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2025 को यह प्रकरण हिमाचल के शिक्षा सचिव को भेजकर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।

📌 शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का बड़ा कदम

29 अक्टूबर 2025 को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में—

  • शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने
    सुप्रीम कोर्ट में 6 रिव्यू याचिकाएं दायर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
  • विभाग को आवश्यक डेटा और मसौदा तैयार रखने के निर्देश भी दिए।

यह दर्शाता है कि सरकार इस विषय को न्यायिक रूप से भी मजबूती से रखने की तैयारी कर रही है।


📌 विधि मंत्रालय को भेजा गया प्रस्ताव

मामले को आगे बढ़ाते हुए—

  • राष्ट्रपति संघ का कार्यालय इस फाइल को विधि मंत्रालय (Law Ministry) भेज चुका है।
  • उद्देश्य:
    ✔️ कानूनी विश्लेषण
    ✔️ न्यायसंगत समाधान
    ✔️ आवश्यकता पड़ने पर संसद में अध्यादेश या विधेयक संशोधन लाना

ज्ञापन में अध्यादेश लाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।


📌 शिक्षकों और छात्रों दोनों का जीवन जुड़ा

विजय हीर ने कहा कि—

“यह केवल शिक्षकों का मुद्दा नहीं है,
बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता का प्रश्न है।”

उन्होंने पुनः मांग की कि राज्य सरकार—

  • 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को
  • TET अनिवार्यता से
    तत्काल स्पष्ट और स्थायी राहत प्रदान करे।
Tags