परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने हेतु बेसिक शिक्षा विभाग ने एजुकेट गर्ल्स संस्था (Educate Girls NGO) के साथ 11 सितम्बर 2025 से एक वर्ष के लिए गैर-वित्तीय समझौता (Non-Financial MoU) किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।
समझौते के अंतर्गत एजुकेट गर्ल्स संस्था कक्षा 3 से 5 के छात्रों को अंग्रेजी, हिंदी और गणित विषयों में शिक्षण सहायता प्रदान करेगी। इसके लिए संस्था की ओर से ‘ज्ञान का पिटारा’ (Remedial Learning Kit) उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें कार्यपुस्तिकाएं, सीखने-सिखाने की सामग्री और गतिविधि-आधारित शिक्षण उपकरण शामिल होंगे।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 की छात्राओं के लिए जीवन कौशल विकसित करने वाली गतिविधियां चलाई जाएंगी। साथ ही, इस वर्ग में रेमेडियल लर्निंग का पायलट कार्यक्रम भी प्रारंभ किया जाएगा ताकि अधिगम स्तर में सुधार लाया जा सके।
संस्था राज्य के 14,613 विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) और स्कूल अभिभावक परिषद (SAC) चार्ट वितरित करेगी तथा समितियों के क्षमता विकास कार्यक्रम भी संचालित करेगी। इसके अतिरिक्त, स्कूल छोड़ चुके बच्चों के पुनः नामांकन और ठहराव में सहयोग प्रदान किया जाएगा।
यह साझेदारी शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समुदाय की भागीदारी और बच्चों में सीखने की अभिरुचि बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। इससे राज्य की परिषदीय शिक्षा प्रणाली को नई सशक्त दिशा मिलने की उम्मीद है।
