लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग ने जिलों के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे में यू-डायस पोर्टल पर ड्रॉपआउट छात्रों का डाटा अपडेट नहीं किया गया, तो संबंधित जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) का वेतन रोका जाएगा।
राज्य भर में कक्षा एक से सात तक पढ़ने वाले लगभग पांच लाख छात्रों का रिकॉर्ड अभी भी यू-डायस पोर्टल के ड्रॉपबॉक्स सेक्शन में अटका हुआ है। इसका मतलब है कि इन विद्यार्थियों के अगले सत्र में दाखिले की जानकारी अब तक सिस्टम में दर्ज नहीं की गई है।
स्कूली शिक्षा महानिदेशालय ने इस स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। विभाग के अनुसार, कई सरकारी प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों के प्रधानाध्यापक छात्रों के अगले विद्यालय या कक्षा की जानकारी अपडेट करने में लापरवाही बरत रहे हैं। इस वजह से यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र दूसरे स्कूलों में चले गए या बीच में पढ़ाई छोड़ दी।
महानिदेशालय ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी छात्र ड्रॉपआउट सूची में न रहे। यदि छात्र किसी निजी या एडेड स्कूल में गए हैं, तो उनकी नई एंट्री संबंधित पोर्टल पर दर्ज की जानी चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग की पारदर्शिता और छात्र ट्रैकिंग सिस्टम को बेहतर करने के लिए यह जरूरी है कि सभी डाटा पूरी तरह से अपडेट किया जाए, अन्यथा कार्रवाई तय है।

