TET Vs Promotion : सुप्रीम कोर्ट का आदेश नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध !, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ को इस फैसले पर विचार करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के कल के आदेश से किसी को चिंता करने की नहीं बस थोड़ा सा चिंतन की आवश्यकता है।
कल के इस आदेश के विरुद्ध 2011 से पहले नियुक्त शिक्षक/याची द्वारा एक *रिव्यू पिटीसन* की जाए।
ये आदेश ऐसा यथावत तो रहेगा नहीं। क्योंकि यह नैसर्गिग न्याय के विरुद्ध है।
✍️ एक प्रभावित शिक्षक


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