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मर्जर कोर्ट आर्डर का विश्लेषण, हिमांशु राणा की जुबानी

Sir Ji Ki Pathshala
मर्जर कोर्ट आर्डर का विश्लेषण, हिमांशु राणा की जुबानी
 

शब्दों के मायाजाल में फँसाने की कोशिश

सरकार आदेशों में ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रही है जिससे साधारण शिक्षक या आमजन भ्रमित हो जाएँ। ध्यान से देखिए, rules में लिखा है “within a distance”— यानी निश्चित सीमा के अंदर। 

दूसरा बिंदु है “50 का आँकड़ा”, जिसे केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप तय किया है और उसका क्रियान्वयन राज्य सरकार कर रही है। यही कारण है कि केंद्र सरकार के 05 जून 2025 के आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि 50 से कम नामांकन वाले विद्यालय बंद किए जाएँगे।

मैं पहले भी कह चुका हूँ और आज भी कह रहा हूँ कि केंद्र सरकार की मंशा साफ़ है—हर क्लस्टर पर केवल एक विद्यालय संचालित हो और उसमें कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई हो। इसका सीधा अर्थ यह है कि आने वाले दस वर्षों में यदि इस प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो ग्रामीण, पिछड़े, किसान और मज़दूर परिवारों के बच्चों से प्राथमिक शिक्षा धीरे-धीरे छिन जाएगी।

जब से ये नीतियाँ लागू हो रही हैं, कभी पाठ्यक्रम में बदलाव, कभी नये नियम, तो कभी नई शर्तें—इन सबका असर सिर्फ़ इतना है कि काम करने वाले शिक्षक निरंतर शोषण और तनाव में रहते हैं। हर वर्ष कोई न कोई नया शिगूफ़ा लाकर शिक्षकों को अस्थिर और परेशान किया जाता है, जिससे शिक्षक यह सोचकर ही चिंतित रहते हैं कि पता नहीं कब कौन-सा नया आदेश आ जाएगा। 

आपकी आवाज़ आप स्वयं हैं आपका साथ सब छोड़ चुके हैं इसलिए संगठित रहिये 

लड़ेंगे और जीतेंगे ! 


#राणा

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