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सरकार का दावा, बेहतर शिक्षा परिणामों के लिए स्कूल पेयरिंग नीति जरूरी

Sir Ji Ki Pathshala

सरकार का दावा, बेहतर शिक्षा परिणामों के लिए स्कूल पेयरिंग नीति जरूरी

उत्तर प्रदेश सरकार की स्कूल पेयरिंग नीति न सिर्फ प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह बच्चों के उज्ज्वल भविष् की ओर एक मजबूत कदम भी है। यह व्यवस्था स्कूलों को बंद करने नहीं, बल्कि उन्हें और बेहतर बनाने के लिए है।

School Pairing

कोई स्कूल बंद नहीं हो रहा : प्रदेश में कोई भी सरकारी स्कूल बंद नहीं किया जा रहा है, न ही किसी प्रकार का विलय हो रहा है। केवल जोड़ीकरण (पेयरिंग) की नीति अपनायी जा रही है। 

क्या है पेयरिंग मॉडल : एक स्कूल को प्री-प्राइमरी (नई शिक्षा नीति के अनुसार) के लिए और दूसरे को प्राइमरी / मिडिल क्लासेज (कक्षा 1 से 5/8 तक) के लिए नामित किया जा रहा है।

छोटे स्कूलों को बड़ी यूनिट से जोड़ा जा रहा है: जिन विद्यालयों में बच्चों की संख्या बहुत कम है और संचालन मुश्किल हो रहा है, उन्हें पास के बड़े स्कूलों से जोड़ा जा रहा है। 

पूर्व प्राथमिक से कक्षा 5 / कक्षा 8 तक की पढ़ाई पेयरिंग वाले विद्यालयों में : पेयर किये गये स्कूलों में बच्चों को पूर्व प्राथमिक कक्षा से लेकर कक्षा 8 तक की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

प्राइवेट स्कूल जैसी आधुनिक सुविधाएं : कंप्यूटर लैब, खेल का मैदान, स्मार्ट क्लास आदि उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

सभी विषयों के लिए पर्याप्त शिक्षक: प्रत्येक पेयर्ड विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक तैनात किये जायेंगे, जिससे शिक्षण का स्तर और गुणवत्ता दोनों सुधरें। इन विद्यालयों में क्षमता के अनुसार छात्र-छात्राओं की पर्याप्त संख्या रहेगी।

अभिभावकों की स्वीकृति को प्राथमिकता : पेयरिंग अनिवार्य नहीं है। अभिभावक स्वयं तय करेंगे कि वे अपने बच्चे को बेहतर सुविधा वाले स्कूल में भेजना चाहते हैं या नहीं। 

गतिविधि आधारित शिक्षण प्रक्रियाएं: पेयरिंग विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षा और शिक्षण प्रक्रिया लागू होगी, जैसे समूह चर्चा प्रोजेक्ट वर्क, स्पोर्टस गतिविधियों को बढ़ावा, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा एवं छात्र-छात्राओं में टीम बिल्डिंग की भावना तथा सर्वागीण विकास।

पेयरिंग नीति के लाभ

■ कक्षाएं होंगी पूरी तरह भरी हुई

■ बेहतर सहपाठी संवाद और समूह गतिविधियां

■ हर विषय के लिए शिक्षक उपलब्ध 

■ एनईपी के अनुसार प्री-प्राइमरी पहुंच

■ संसाधनों का स्मार्ट और प्रभावी उपयोग

■ दोनों स्कूलों का होगा उपयोग

■ किसी भी स्कूल को बंद नहीं किया जा रहा है

■ एक भवन प्री-प्राइमरी के लिए 

■ दूसरा भवन प्राइमरी / मिडिल कक्षाओं के लिए उपयोग में रहेगा


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