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शिक्षकों संग छात्रों की भी लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक मुख्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट

Sir Ji Ki Pathshala

शिक्षकों संग छात्रों की भी लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक मुख्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट

अमेठी सिटी। माध्यमिक शिक्षा परिषद अब शिक्षकों के साथ ही छात्रों की हाजिरी भी ऑनलाइन दर्ज कराने की तैयारी में है। यूपी बोर्ड मुख्यालय को प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक विद्यालयों से छात्रों की उपस्थिति की रिपोर्ट भेजनी होगी। यह प्रक्रिया एक विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित होगी, जिसमें फोटो खींचने और जियो टैगिंग की व्यवस्था भी होगी।

जिले में संचालित 36 राजकीय, 25 सहायता प्राप्त और 180 वित्तविहीन इंटर कॉलेजों में कक्षा नौ से 12 तक करीब 1.20 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शिक्षा विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं केवल परीक्षा के समय ही विद्यालय आते हैं, बाकी समय उनकी फर्जी उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है।

Online Attendance

इस पर लगाम लगाने के लिए अब शिक्षकों संग बच्चों की भी ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के साथ ही विद्यालयों में छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्य के माध्यम से यह उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। शिव महेश बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा नेहा ने कहा कि अब स्कूल से छुट्टी लेने से पहले कई बार सोचना पड़ेगा। हर दिन स्कूल आना पड़ेगा। जीजीआईसी छात्रा मनीषा ने कहा कि यह कदम हमारी पढ़ाई को लेकर गंभीरता बढ़ाएगा, लेकिन तकनीकी सुविधा भी जरूरी है। रणंजय इंटर कॉलेज के सुमित कुमार ने कहा कि पहले संसाधनों व नेटवर्क की व्यवस्था की जाए, तभी यह व्यवस्था सफल हो सकेगी।

जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि सॉफ्टवेयर तैयार होते ही जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। रिपोर्ट भेजते समय उनकी फोटो खिंचेगी और उसकी जियो टैगिंग भी होगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। रणंजय इंटर कॉलेज गौरीगंज के डॉ.सुनील शुक्ल ने कहा कि यह एक सराहनीय कदम है। इससे छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और शिक्षा में अनुशासन बढ़ेगा। कॉलेज के शिक्षक विजय तिवारी ने कहा कि कई बार छात्र सिर्फ परीक्षा देने आते हैं, यह चलन अब रुकेगा, बशर्ते तकनीकी दिक्कतों का समाधान हो।