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जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाई गईं खण्ड शिक्षा अधिकारी विभिन्न आरोपों में निलंबित।

Sir Ji Ki Pathshala
जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाई गईं खण्ड शिक्षा अधिकारी विभिन्न आरोपों में निलंबित।

उन्नाव। नवाबगंज ब्लॉक में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी इन्द्रा देवी की मुश्किलें फिर बढ़ गई है। जिला पंचायत सदस्य सरला लोधी के बाद अब अनु. मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष आशीष कुमार रावत की शिकायत पर महानिदेशक ने डायट प्राचार्य को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। जिस पर प्राचार्य ने वरिष्ठ प्रवक्ता प्रसनजीत और अमित रॉय को जांच के लिए नामित किया है। 

अखिल भारतीय पासी समाज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, महाराजा बिजली पासी यूथ बिगे्रड के प्रदेश संयोजक और अनु. मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष इंजी. आशीष कुमार रावत ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा के अलावा शासन स्तर पर कई अफसरों को शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि बीआरसी भवन के मरम्मत व सौंदर्यीकरण के लिए आई लगभग सात लाख पांच हजार की धनराशि का मानक के विपरीत गुणवत्ता विहीन प्रयोग कर आनन-फानन में बिना किसी जनप्रतिनिधि के बुलाए उद्घाटन कर लिया गया। एक सहचर बीईओ की मिलीभगत से बिना कार्यालय आए महीनों के हस्ताक्षर पंजिका पर करता है और उसके द्वारा इस दौरान बिना किसी स्वीकृत अवकाश के वेतन भी निकाला जाता है। 

बीईओ द्वार शिक्षकों को बीआरसी से पुस्तकों को ले जाने का दबाव बनाया जाता है। जबकि इसका मद शासन से तय है। इसके अलावा तमाम अनियमितताएं बरती जा रही है। जिस पर महानिदेशक कार्यालय से जांच के निर्देश दिए गए है। इससे पहले जिपं सदस्य की शिकायत पर शिक्षा निदेशक बेसिक उप्र शिक्षा निरीक्षण अनुभाग प्रयागराज डॉ. ब्रजेश मिश्र ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, कानपुर मंडल राजेश वर्मा से जांच कराई थी। जिसकी रिपोर्ट भी भेजे जाने के दावे किए जा चुके है। शिकायतकर्ता ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों के जरिए शिकायत मिली थी।

"पत्र आया है जिस पर मामले की जांच के लिए डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रसनजीत और प्रवक्ता अमित रॉय को जांच सौंपी है। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट लेकर भेज दी जाएगी।" - एसपी सिंह, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान

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