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62 वर्ष की सेवा पर ग्रेच्युटी दिए जाने के संबंध में कोर्ट का आदेश देखें।

Sir Ji Ki Pathshala

62 वर्ष की सेवा पर ग्रेच्युटी दिए जाने के संबंध में कोर्ट का आदेश देखें।

▪️62 वर्ष तक सेवाएं देने वाले शिक्षकों को भी मिलेगी ग्रेच्युटी : हाईकोर्ट
▪️बेसिक शिक्षा विभाग के सेवानिवृत दो शिक्षकों की याचिका पर हाई कोर्ट का निर्णय
▪️बेसिक शिक्षा विभाग में 62 साल की उम्र तक सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों की ग्रेच्युटी विभाग अब रोक नहीं सकेगा।

 प्रदेश सरकार ने 60 साल की उम्र तक सेवाएं देने वाले शिक्षकों को ही ग्रेच्युटी देने के लिए नियम लागू किया था। यह भी नियम लागू किया कि जो 62 वर्ष तक सेवाएं देंगे, उन्हें ग्रेच्युटी नहीं दी जाएगी। इस नियम के खिलाफ जिले के सेवानिवृत्त दो शिक्षकों ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। आठ जनवरी को हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने शिक्षक सैयद मोहम्मद असलम के करीब 10 लाख रुपये व वीरपाल सिंह की करीब साढे आठ लाख रुपये ग्रेच्युटी एक सप्ताह के अंदर कोर्ट में जमा करने के निर्देश दिए है। साथ ही डीएम व बीएसए के प्रति कोर्ट ने नाराजगी भी व्यक्त की है।

बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षक सैयद मोहम्मद असलम व वीरपाल सिंह 62 वर्ष की आयु में वर्ष 2017 में विभाग से सेवा निवृत्त हुए थे। इन्होंने अपना प्रोविडेंट फंड व ग्रेच्युटी के लिए बीएसए कार्यालय में दावा किया। इस विभाग ने सरकार का नियम बताते हुए खारिज कर दिया। बताया कि यह लाभ उन्हीं को मिलेगा जो 60 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं देंगे। दोनों शिक्षको ने वर्ष 2019 में सहायक श्रम आयुक्त न्यायालय, अलीगढ़ में वाद दाखिल किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सहायक श्रम आयुक्त न्यायालय ने 30 सितंबर वर्ष 2020 को बीएसए को आदेश दिया कि दोनों शिक्षकों की ग्रेच्युटी दी जाए। साथ ही वर्ष 2017 से आदेश तक ब्याज भी दिया जाए। इस आदेश के विरुद्ध बीएसए विभाग के अधिकारियों ने उप श्रम आयुक्त के न्यायालय में अपील की; जो कि खारिज हो गई। 

दोनों शिक्षकों ने उप श्रम आयुक्त न्यायालय में ग्रेच्युटी के भुगतान करने के लिए अपील की। इस पर इस न्यायालय ने पांच दिसंबर वर्ष 2023 को बीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। साथ ही भुगतान न करने पर नाराजगी जताई। 18 मार्च वर्ष 2023 को डीएम को बेसिक शिक्षा विभाग का जिला पंचायत परिसर स्थित केनरा बैंक की शाखा में खाते को सीज करने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम कोल द्वारा 18 मार्च 2024 को बीएसए के खाता को कुर्क करने व वसूल प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए। दोनों शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य चार के विरुद्ध हाईकोर्ट में एक रिट दाखिल की।अब कोर्ट ने विभाग को न्यायालय के रजिस्ट्रार के यहां दोनों शिक्षकों की ग्रेच्युटी का भुगतान जमा कराने का आदेश दिया है।

"दोनों शिक्षकों की ग्रेच्युटी भुगतान के आदेश हमारे सहायक श्रम आयुक्त न्यायालय ने दिए थे, इसके बाद बीएसए कार्यालय ने इस आदेश के विरुद्ध हमारे न्यायालय ने अपील की थी, जिसे नियम व साक्ष्यों को आधार को सही मानते हुए इसे खारिज कर दिया। भुगतान न मिलने पर शिक्षक हाई कोर्ट चले गए। जहां से भुगतान के आदेश हो गए हैं। इसकी प्रति हमारे पास आ गई है।" - सियाराम, उप श्रम आयुक्त, अलीगढ़ मंडल


आदेश की PDF डाउनलोड करें 👇

 

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