प्रदेश के परिषदीय स्कूलों की पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सोशल ऑडिट होगा, प्रथम चरण में 26720 परिषदीय विद्यालय शामिल
लखनऊ. प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सोशल ऑडिट कराया जाएगा। इसके तहत पांच साल में राज्य के 1.33 लाख से ज्यादा स्कूलों का सोशल ऑडिट होगा। प्रथम चरण में 26720 चयनित विद्यालयों का सोशल ऑडिट कराया जायेगा।
ऑडिट का काम लखनऊ यूनिवर्सिटी, गोरखपुर यूनिवर्सिटी, गोरखपुर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, सुभारती यूनिवर्सिटी के सहयोग से किया जाएगा। इसमें स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता, समुदाय और सभी हितधारक शामिल होंगे। साथ ही उपलब्ध संसाधनों एवं सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ली जायेगी।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि ऑडिट के पहले चरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसमें 150 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया है।
जनवरी में जिला व ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य है। राज्य में प्रथम चरण में सभी चयनित विद्यालयों का सोशल ऑडिट 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि चयनित विश्वविद्यालय अप्रैल में जनसुनवाई पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट देंगे कि क्या सुधार किये जायेंगे।
इसी क्रम में बीएसए को निर्देश दिया गया है कि क्लस्टर सोशल ऑडिटर का जिला स्तरीय प्रशिक्षण और सोशल ऑडिटर फैसिलिटेटर टीम के सदस्यों का ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण सुनिश्चित कराया जाए।
ऑडिट में विशेष
■ 75 जिलों के लिए होंगे 150 मास्टर ट्रेनर
■ क्लस्टर सोशल ऑडिटर 2672 होंगे
■ सोशल ऑडिटर फैसिलिटेटर टीम के सदस्य 160320 होंगे
■ प्रदेश में कुल परिषदीय विद्यालय 1.33 लाख हैं।
■ प्रथम चरण में चयनित विद्यालय 26720 (कुल विद्यालयों का 20 प्रतिशत)


