Composite Grant : वर्ष 2024-25 में परिषदीय विद्यालयों में कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट हेतु बजट आवंटन के सम्बन्ध में।
वर्ष 2024-25 के लिए परिषदीय विद्यालयों (Primary and Upper Primary Schools) में कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट (Composite School Grant) के आवंटन और इसके उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यह ग्राण्ट विद्यालयों के दैनिक संचालन, स्वच्छता और रखरखाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
यहाँ इस बजट और इसके उपयोग से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है:
1. बजट आवंटन की श्रेणी (छात्र संख्या के आधार पर)
ग्राण्ट की धनराशि विद्यालय में नामांकित छात्र संख्या के आधार पर निर्धारित की जाती है। सामान्यतः यह स्लैब निम्नलिखित होता है:
| छात्र संख्या | अनुमानित बजट (वार्षिक) |
|---|---|
| 1 से 30 छात्र | ₹ 10,000 |
| 31 से 100 छात्र | ₹ 25,000 |
| 101 से 250 छात्र | ₹ 50,000 |
| 251 से 1000 छात्र | ₹ 75,000 |
| 1000 से अधिक छात्र | ₹ 1,00,000 |
2. ग्राण्ट के उपयोग हेतु प्राथमिकताएँ
शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस धनराशि का व्यय निम्नलिखित मदों में वरीयता के आधार पर किया जाना चाहिए:
- स्वच्छता और जल (सबसे महत्वपूर्ण): शौचालय की क्रियाशीलता, सफाई सामग्री (साबुन, फिनाइल), हाथ धोने की व्यवस्था और पेयजल स्रोत का रखरखाव।
- प्रथम उपचार (First Aid): प्राथमिक चिकित्सा किट (First Aid Box) की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- रखरखाव: टूटे हुए शीशे, दरवाजे, खिड़कियों की मरम्मत और फर्श की मामूली टूट-फूट ठीक कराना।
- शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): चौक, डस्टर, रजिस्टर और अन्य आवश्यक स्टेशनरी।
- विद्युतीकरण: खराब बल्ब, ट्यूबलाइट और पंखों की मरम्मत या बदलाव।
- रंगाई-पुताई: विद्यालय के सूचना पट्ट (Blackboards) और आवश्यक बोर्ड्स का नवीनीकरण।
3. महत्वपूर्ण नियम और दिशा-निर्देश
- विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) का अनुमोदन: किसी भी व्यय से पूर्व SMC की बैठक में प्रस्ताव पारित होना अनिवार्य है।
- PFMS के माध्यम से भुगतान: धनराशि का व्यय केवल PFMS (Public Financial Management System) पोर्टल के माध्यम से वेंडर को डिजिटल भुगतान के रूप में किया जाएगा। नकद भुगतान की अनुमति नहीं है।
- जीएसटी बिल: सभी क्रय की गई सामग्रियों का पक्का जीएसटी बिल होना अनिवार्य है।
- स्टॉक रजिस्टर: खरीदी गई सामग्री की प्रविष्टि विद्यालय के स्टॉक रजिस्टर में की जानी चाहिए।
4. विशेष निर्देश (2024-25)
इस वर्ष विशेष रूप से 'कायाकल्प' के 19 पैरामीटर्स को संतृप्त करने और विद्यालय की स्वच्छता प्रोफाइल को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। कुल ग्राण्ट का कम से कम 10% हिस्सा स्वच्छता गतिविधियों (Swachhata Action Plan) पर खर्च करना अनिवार्य होता है।

