Type Here to Get Search Results !

ढाई महीने के अंतराल के बाद शिक्षकों-कर्मचारियों के करोड़ों रुपये मूल खाते में वापस, बिना सहमति करोड़ों रुपये निजी कंपनी को किया गया था ट्रांसफर

Sir Ji Ki Pathshala

ढाई महीने के अंतराल के बाद शिक्षकों-कर्मचारियों के करोड़ों रुपये मूल खाते में वापस, बिना सहमति करोड़ों रुपये निजी कंपनी को किया गया था ट्रांसफर 




प्रयागराज,. जिले के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के 513 शिक्षकों व कर्मचारियों की नई पेंशन योजना के करोड़ों रुपये उनके मूल खाते में भेज दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के वरिष्ठ सहायक आलोक गुप्ता ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के फंड मैनेजर एसबीआई, यूटीआई और एलआईसी में निवेश किए गए करोड़ों रुपये को बिना सहमति के निजी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया था।


24 अक्टूबर को आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के प्रकाशन के बाद शिक्षकों ने आंदोलन शुरू कर दिया। बाद में मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने आरोपी बाबू आलोक गुप्ता को निलंबित कर दिया और इसके बाद डीआईओएस पीएन सिंह ने सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। करीब ढाई माह के अंतराल के बाद शिक्षकों व कर्मचारियों के करोड़ों रुपये मूल फंड मैनेजर को भेज दिये गये हैं. गौरतलब है कि प्रयागराज में एनपीएस घोटाला उजागर होने के बाद अन्य जिलों में भी ऐसे मामले सामने आये थे. कुल 25 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है. इन 25 जिलों के 4257 शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन का करोड़ों रुपये निजी कंपनियों को ट्रांसफर कर दिया गया.


एनपीएस घोटाला


● बिना सहमति के एनपीएस से करोड़ों रुपये निजी कंपनी को ट्रांसफर करना


● सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का मामला


●हिन्दुस्तान में खबर छपने के बाद बाबू के खिलाफ FIR दर्ज.

Tags