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यूपीटेट 2026 के नॉर्मलाइजेशन और ओएमआर रिजेक्शन के विरोध में अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) के परिणाम में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया और ओएमआर रिजेक्शन को लेकर अभ्यर्थियों का असंतोष उग्र रूप ले चुका है। सोमवार को बड़ी संख्या में पीड़ित अभ्यर्थियों ने सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षा सेवा चयन आयोग के साथ वार्ता विफल होने के बाद आक्रोशित अभ्यर्थियों ने मांगें पूरी होने तक आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान कर दिया है।

मानवीय भूल पर रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन से भविष्य पर संकट

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने परीक्षा मूल्यांकन में कड़ा और असंगत रुख अपनाया है। मामूली मानवीय त्रुटियों को आधार बनाकर हजारों अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट खारिज (रिजेक्ट) कर दी गई। इसके साथ ही नॉर्मलाइजेशन की जटिल प्रक्रिया के कारण कई पात्र छात्र-छात्राओं के अंक कम हो गए, जिसके चलते वे परीक्षा उत्तीर्ण करने से चूक गए।

यूपीटीईटी प्रयागराज धरना

अभ्यर्थियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन इस अनुचित मूल्यांकन प्रणाली के कारण वे भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

गलत प्रश्नों पर विशेषज्ञों पर चुप्पी, छात्रों पर सख्ती का आरोप

धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आयोग की दोहरी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि परीक्षा में लगभग 12 प्रश्न ऐसे थे जो या तो तथ्यात्मक रूप से गलत थे अथवा उनके दोहरे उत्तर विकल्प मौजूद थे। छात्रों का तर्क है कि त्रुटिपूर्ण प्रश्न तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञों पर आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि तकनीकी और मानवीय स्तर पर मामूली चूक करने वाले छात्रों का भविष्य अधर में लटका दिया गया।

उप सचिव से वार्ता विफल, आयोग ने मांगें ठुकराईं

आंदोलन के दौरान दोपहर में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव डॉ. संजय सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग ने अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों और मांगों पर विचार करने से इनकार कर दिया है।

आयोग के इस नकारात्मक रुख से धरना स्थल पर असंतोष और अधिक भड़क गया। उप सचिव के बयान के बाद अभ्यर्थियों ने आयोग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी और अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए। छात्रों का कहना है कि जब तक नॉर्मलाइजेशन के फॉर्मूले की समीक्षा नहीं होती और रिजेक्शन के शिकार अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

धरने में सत्येंद्र कुमार यादव, चंद्रशेखर अधिकारी, अमित द्विवेदी, अजय यादव, अंकित यादव 'अक्की', शिवम तिवारी, अंकित चौधरी, सुषमा वर्मा, सिंधु, शिखा सिंह, सोनम, अनामिका, प्रीति और मनीषा सहित सैकड़ों अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

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