लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (विशेष टीईटी) के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्रों की अत्यधिक दूरी को लेकर प्रदेश भर के शिक्षकों में भारी असंतोष और असमंजस का माहौल बन गया है। अभ्यर्थियों के गृह जनपद से 200 से लेकर 400 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र बनाए जाने के कारण परीक्षार्थियों के सामने समय से पहुंचने और परीक्षा देकर सकुशल लौटने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इस जमीनी परेशानी को देखते हुए शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है।
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन (PSPSA) के प्रान्तीय अध्यक्ष विनय सिंह और महामंत्री आशुतोष मिश्रा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को एक संयुक्त मांग पत्र भेजा है। पत्र में पदाधिकारियों ने स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि इतनी लंबी दूरी का सफर तय करने के लिए शिक्षकों को परीक्षा से एक दिन पहले ही यात्रा शुरू करनी पड़ेगी और परीक्षा समाप्ति के बाद लौटने में भी पूरा दिन लग जाएगा। सामान्य कार्य दिवसों के बीच इतनी दूर यात्रा करना और समय पर विद्यालयी दायित्वों के साथ परीक्षा देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
शिक्षक संघ ने शासन से अपील की है कि परीक्षार्थियों की वास्तविक दिक्कतों, यात्रा की परिस्थितियों और मानसिक तनाव को ध्यान में रखते हुए विशेष टीईटी में शामिल होने वाले सभी शिक्षकों के लिए 2 और 3 नवंबर को दो दिवसीय विशेष अवकाश स्वीकृत किया जाए। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि शासन स्तर से यह अवकाश अनुमन्य किया जाता है, तो शिक्षक बिना किसी मानसिक दबाव और असुविधा के अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकेंगे और शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा में भाग ले सकेंगे।


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